म.प्र. विधानसभा में - किसान ऋणमाफी के लिए केवल 6 हजार करोड़

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89 हजार करोड़ का लेखानुदान पारित

 

(विशेष प्रतिनिधि)

भोपाल। प्रदेश के वित्त मंत्री श्री तरुण भनोत ने गतदिनों विधानसभा में कांग्रेस सरकार का पहला लेखानुदान पेश किया। जो बिना चर्चा के पारित हो गया। राज्य सरकार ने विधानसभा से लेखानुदान के जरिए चार महीने का खर्च चलाने के लिए 89.43 हजार करोड़ रुपए मांगे हैं। इसमें छह हजार करोड़ रुपए कृषि विभाग के लिए आवंटित किए गए हैं। कृषि विभाग को ही किसानों की कर्जमाफी करना है और इसके लिए 35 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की जरूरत है।

वर्ष 2018-19 के दूसरे अनुपूरक बजट में कर्जमाफी के लिए पांच हजार करोड़ रुपए दिए गए थे। वर्ष 2019-20 के लेखानुदान में कृषि विभाग को छह हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। हालांकि इसमें अभी कर्जमाफी के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं है। यदि दोनों बजट को मिला लिया जाए तो भी कर्जमाफी के लिए सिर्फ 11 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान हुआ है। जबकि सरकार को 35 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की जरूरत है।  मुख्य बजट जुलाई में होने वाले विधानसभा सत्र में आएगा।

साढ़े 11 हजार करोड़ का ब्याज चुकाएगी सरकार

राज्य सरकार वित्तीय वर्ष के शुरुआती चार महीने में लगभग साढ़े 11 हजार करोड़ रुपए का ब्याज चुकाएगी। राजस्व व्यय के लिए लिए गए कर्ज पर पांच हजार 430 करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय के कर्ज पर पांच हजार 921 करोड़ रुपए ब्याज का भुगतान किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने वर्ष 2019-20 का बजट अनुमान भी सदन के पटल पर रखा है। वित्त विभाग का अनुमान है कि अगले वित्तीय वर्ष में सरकार का कुल बजट लगभग 2 लाख 23 हजार करोड़ रुपए का होगा। सरकार ने 561 करोड़ रुपए के राजस्व आधिक्य का अनुमान लगाया है।

  • जुलाई में आएगा मुख्य बजट
  • कुल 2 लाख 23 हजार करोड़ के होने का अनुमान

 

 

 

122 करोड़ रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट भी पारित

विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2018-19 का तीसरा अनुपूरक बजट भी पारित हो गया। यह करीब 122 करोड़ रुपए का है। इसमें राज्य सरकार ने नई योजनाओं के लिए टोकन राशि का प्रावधान किया है। सरकार ने बजट में राम वनगमन पथ में आने वाले अंचलों के विकास की योजना के लिए टोकन अमाउंट बजट में दिया है। युवा स्वाभिमान योजना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। नगरीय निकायों को सुपर मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए नई योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए अनुपूरक बजट में 99 लाख 99 हजार 900 रुपये का प्रावधान किया गया है। जबलपुर और ग्वालियर में डेयरी साइंस एंड फूड टेक्नालॉजी कॉलेज की स्थापना के लिए भी टोकन अमाउंट रखा गया है।

किस विभाग को कितना पैसा मिला                                    (करोड़ रुपए में)
विभाग राशि विभाग राशि
ऊर्जा- 6309 स्वास्थ्य- 2701
कृषि- 6136 जल संसाधन- 2562
स्कूल शिक्षा- 6129 ग्रामीण वि.- 1441
वित्त- 5921 सहकारिता- 1164
लोक निर्माण- 3297 उच्च शिक्षा- 947
पुलिस- 3010 सामा. न्याय- 432
नगरीय वि.- 2928 श्रम- 370
जनजातीय- 2919 उद्योग- 344
कार्य   पर्यटन- 85
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