ओलावृष्टि से गेहूं - चने की फसल को हुआ नुकसान

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(शैलेष ठाकुर ) 

देपालपुर। लगातार प्रकृति की मार झेल रहे किसानों को पाले के बाद अब ओलावृष्टि और असमय हुई बारिश ने गेहूं-चने की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया है। प्राकृतिक आपदा से बार-बार होने वाले नुकसान से किसान परेशान हैं। किसानों ने क्षेत्रीय विधायक से मुआवजे की मांग की है।

बता दें कि देपालपुर के आसपास के गांव नेवरी,चटवाड़ा,खड़ी,तकीपुरा,गीरोड़ा, जलोदिया पंथ, सगडोद आदि गांव में गेहूं -चने की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। नेवरी के सतीश पटेल, चटवाड़ा के सुभाष चंदेल,लक्ष्मण सिंह चंदेल, राहुल सेठ,घनश्याम गौड़, सगडोद के कल्याण सिंह मकवाना, लाखन मकवाना, लाखन सेठ, योगेश लक्ष्मी नारायण  मकवाना आदि ने कृषक जगत को बताया कि पाले के बाद अब ओले गिरने से गेहूं की खड़ी फसल में जिन खेतों में दरारें थीं वो फसल पूरी तरह आड़ी हो गई , वहीं बालियों में भरे गेहूं के दाने भी जमीन पर बिखर गए। चने की घेटियां टूटने से उत्पादन कम होने की आशंका है। प्राकृतिक आपदा से बार-बार होने वाले नुकसान से किसान परेशान हैं।

इलाके में ओलावृष्टि के बाद कृषि विभाग का अमला चटवाड़ा पहुंचा। अमले में अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री शोभाराम इस्के,  वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी श्री राजेश  धारे, कृषि विस्तार अधिकारी श्री तोमर,  ग्रामीण कृषि अधिकारी योगिता गौड़ आदि शामिल थे। इन अधिकारियों ने बताया कि किसानों की फसल को  काफी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि के बाद नेवरी पहुंचे क्षेत्रीय विधायक श्री विशाल पटेल से किसानों ने मुआवजे की मांग की। इस पर विधायक श्री पटेल ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ से चर्चा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
 

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