दलहन उत्पादन व खपत के अन्तर को पाटना होगा

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दलहन उत्पादन व खपत के अन्तर को पाटना होगा

भारत विश्व का सबसे अधिक दलहन उत्पादक देश होने के साथ-साथ इसका सबसे बड़ा खपत वाला देश भी है। देश में पिछले कुछ वर्षों में इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए गंभीर उपाय अपनाये गये परिणाम स्वरूप दलहनी फसलों का उत्पादन जो वर्ष 2014-15 में 171.5 लाख टन था, वर्ष 2017-18 में बढ़कर 252.3 लाख टन तक पहुंच गया। नीति आयोग के अनुमानों के अनुसार वर्ष 2020-21 में दलहनी फसलों की देश में 260.5 लाख टन की आवश्यकता होगी जो वर्ष 2029-30 में बढ़कर 326.4 लाख टन तक पहुंच जायेगी। जबकि आयोग के अनुमान के अनुसार देश में दलहनी फसलों का उत्पादन वर्ष 2020-21 में 237.3 लाख टन तथा वर्ष 2029-30 में बढ़कर 307.5 लाख टन हो पायेगा। इस प्रकार वर्ष 2020-21 में दलहनी फसलों के उत्पादन में आवश्यकता से 33.2 लाख टन की कमी रह जायेगी। यह कमी वर्ष 2029-30 तक भी पूरी नहीं हो पायेगी। तब भी हम अपनी आवश्यकता से 18.9 लाख टन कम दलहनी फसलों का उत्पादन कर पायेंगे। दलहन ही देश की अधिकांश जनता का प्रोटीन का प्रमुख श्रोत है। इसकी कमी देश को कुपोषण की ओर ले जायेगी। देश में दलहनी फसलों की उत्पादकता तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयासों में कोई कमी नहीं की गई, परन्तु दलहनी फसलों की उत्पादकता में गेहूं व धान की तरह अधिक उत्पादन वाली जातियां नहीं निकल पाई जो इन फसलों के उत्पादन में क्रांति ला सके और इसकी सम्भावना भी कम है। दलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए हमें इन फसलों के अच्छे प्रबंधन की ओर ध्यान देना होगा तथा दलहनी फसलों के रकबे को बढ़ाने की ओर भी प्रयास करने होंगे। आज भी किसान दलहनी फसलों को एक सौतेली फसल की तरह लेता है। यही कारण है कि देश में दलहनी फसलों का 80 प्रतिशत से अधिक रकबा अभी भी वर्षा के पानी के ऊपर निर्भर रहता है। दलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए हमें इनका सिंचित रकबा बढ़ाने की ओर प्रयास करने होंगे, इसके लिए हमें गेहूं उत्पादन के उन क्षेत्रों को चिन्हित करना होगा जिनमें गेहूं का उत्पादन प्रदेश के गेहूं उत्पादन के औसत से कम होता है। इन क्षेत्रों के किसानों को दलहन की उपयुक्त फसल का तकनीकी प्रशिक्षण तथा उपयुक्त आवश्यक सामग्री उपलब्ध करनी होगी। यदि दलहनी फसलों का उचित प्रबंधन किया जाये तो किसान को ऐसे क्षेत्रों में गेहूं की अपेक्षा दलहनी फसल उगाने में अधिक लाभ हो सकेगा तभी हम देश की दलहन की आवश्यकता को पूरा कर पायेंगे।

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