कृषि विशेषज्ञों ने कृषि मंत्री को दिए कई सुझाव

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इंदौर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री सचिन यादव को गत दिनों इंदौर रेसीडेंसी में वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञों ने कृषि विकास को लेकर अपने सुझाव दिए। कृषि मंत्री ने कहा कि इन सुझावों पर राज्य सरकार अमल करेगी। ऐसी बैठकें संभाग स्तर पर समय-समय पर होती रहेंगी।

इस बैठक में बड़ी संख्या में कृषि कॉलेज इंदौर के पूर्व छात्र और कृषि विशेषज्ञ उपस्थित हुए। इनमें राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति श्री एस.के.राव के अलावा वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों श्री अखिलेश श्रॉफ, श्री के.सी. गुप्ता,श्री आर.डी. यादव, श्री विजय ओसवाल, श्री दिलीप डंडीर, श्री अतुल शर्मा, श्री राजेश पोरवाल, श्री मोहन खेरिया, श्री शुक्ला, श्री पारीक, श्री संजय शर्मा और श्री संजय जैन सहित अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने भी अपने सुझाव दिए।

मंडी का निरीक्षण 

कृषि मंत्री श्री सचिन यादव ने देपालपुर विधायक विशाल पटेल और मोती सिंह पटेल के साथ लक्ष्मीबाई नगर कृषि उपज मण्डी का सघन निरीक्षण किया। किसान कैलाश पिछोलिया ने मंत्री को अन्य समस्याओं के साथ बताया कि जो पलंग और कंबल विश्राम स्थल में लगाए गए हैं वह पहले से नहीं थे। नए लगे हैं। बबलू जाधव ने मंडी सचिव श्री सतीश पटेल से किसानों के बैठने के लिए प्लेटफार्म लगाने का भी अनुरोध किया। इसके बाद  कृषि मंत्री ने इंदौर की कृषि उपज मण्डी में किसानों की सुविधा के लिये अनेक विकास कार्य करने के लिये अधिकारियों को शीघ्र ही विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। 

श्री यादव ने इंदौर की लक्ष्मी बाई नगर कृषि उपज मण्डी में सभी पुराने शेड को हटाकर नये शेड बनाने, दस-दस टन के नये चार इलेक्ट्रॉनिक तौल  कांटे लगाने, सुरक्षा के लिये सीसीटीवी कैमरे पूरे परिसर में लगाने, मण्डी की बॉउण्ड्रीवाल की ऊंचाई बढ़ाने तथा  किसानों के लिये खाने तथा ठहरने के पर्याप्त इंतजाम करने के भी निर्देश दिये। तत्संबंध में मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड के इंदौर आंचलिक कार्यालय ने इंदौर मंडी सचिव श्री सतीश पटेल को पत्र जारी कर समय सीमा में समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
 

इनमें  सबसे प्रमुख मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिला एवं संभाग स्तर पर कृषि सलाहकार समिति गठित कर उसमें वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों को शामिल करने का भी सुझाव दिया गया। इसके अलावा मालवा या निमाड़ क्षेत्र में केन्द्रीय कृषि एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना,  इंदौर को प्रमुख केन्द्र बनाकर प्रतिदिन विमान से सब्जी और फल विदेश निर्यात करने, झाबुआ जिले में टमाटर पर आधारित कृषि प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने, बीएससी एग्रीकल्चर डिग्री को व्यवसायिक डिग्री की मान्यता देने, कृषि स्नातक की डिग्री प्राप्त स्नातकों को नौकरियों में प्राथमिकता देने सहित कृषि से जुड़े अनेक सुझाव दिए गए। इस अवसर पर देपालपुर क्षेत्र के विधायक श्री विशाल पटेल भी विशेष रूप से मौजूद थे।

 मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना जिज्ञासा एवं जवाब 
भोपाल। मुख्यंमत्री फसल ऋण माफी योजना को लेकर किसानों, जिला एवं संभागों के अधिकारियों के जहन में उठते संभावित सवालों का जवाब कृषि विभाग ने दिया है। इस संबंध में कृषि विभाग ने समस्त कलेक्टरों को प्रश्नोत्तरी जारी कर जिज्ञासा शांत करने का प्रयास किया है। इसमें चुनिंदा सवाल एवं जवाब इस प्रकार हैं -
क्र. प्रश्न समाधान
16 कृषक द्वारा विभन्न बैंको से ऋण लेने की स्थिति में ऋण माफी की सीमा राशि रूपये 2.00 लाख तक कर्ज माफी उपरोक्तानुसार विभिन्न बैंकों हेतु संयुक्त रूप से लागू होगी ? जी हाँ। योजना प्रावधान ऐसे समस्त ऋण खातों पर लागू होंगे।
17 ऐसे कृषक जो 'मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना' का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, क्या ऐसे कृषकों को भी इस योजना का लाभी प्राप्त हो सकेगा? यदि हाँ तो ऐसे कृषकों को लाभांवित किए जाने की प्रक्रिया क्या होगी।  योजना की पात्रातानुसार लाभ प्राप्त हो सकेगा। 
18 यदि कृषक ऋण लेते समय किसी पद पर नहीं था, परंतु बाद में वह पदाधिकारी नियुक्त हुआ तब क्या ऐसा भूतपूर्व या वर्तमान पदाधिकारी अपात्रता में आयेगा।  जी हाँ। 
19 पत्नि के नाम पर जमीन है और पति नौकरी में है, ऐसी स्थिति में वह पात्र होगा या अपात्र? अपात्रता/निरर्हता फस्ल ऋण खाताधारी के ऊपर लागू है। स्वयं की पात्रता होते हुए अपात्रता श्रेणी में अन्य रिश्तेदार होने मात्र से आवेदक अपात्र/निरर्हत नहीं होगा। 
20 ऑनलाईन आवेदन की प्रतिलिपि क्या मात्र उन्हीं किसानों को दिया जाना है जो स्वयं ऑनलाईन आवेदन करते हैं।  कृषक द्वारा स्वयं ऑनलाइन आवेदन किए जाने का योजना में प्रावधान नहीं है। चूकि समस्त आवेदन पत्र ऑफलाइन प्राप्त किए जाने है। अत: सभी को दर्ज ऑनलाईन आवेदन की प्रति उपलब्ध कराई जाएगी 
21 गुलाबी आवेदन के निराकरण के लिए क्या आधार रखे जायेंगे एवं क्या समय सीमा होगी? समय सीमा योजना में नियत नहीं है। तथापि शीघ्रातिशीघ्र संबंधित बैंक शाखा द्वारा निराकरण कर पात्र पाए गए प्रकराणों को अनुशंसा सहित जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति में 31 मार्च, 2019 तक भेज दिया जाये। 
22 कितनी राशि के समायोजन का ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र या किसान सम्मान पत्र जारी किए जाने है? क्या यदि किसान को रूपये 100/200 की राशि समायोजन हुई है, उसको भी प्रमाण पत्र देने हैं।  ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र अथवा किसान सम्मान पत्र उन्हीं लाभांवित किसानों के बनाए एवं वितरित किए जाने है, जिनके फसल ऋण खाते में रूपये 2,000/- या उससे अधिक राशि समायोजित की गई है। 


 

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