भीषण ठंड से पान की खेती तबाह

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(चितरंजन चौरसिया)

महाराजपुर। उत्तर भारत में हो रही लगातार बर्फबारी के कारण पड़ रही भीषण ठण्ड से गढ़ी मलहरा और महाराजपुर में सैकड़ों पारी में लगी पान की फसल बर्बाद हो। गई विगत दो-तीन दिनों से तापमान में आ रही गिरावट के कारण पान के पत्ते ठण्ड से काले पड़ गये एवं जो पान शेष बचे हैं वे रोजाना गिरते जा रहे हैं अधिकांश पान किसान फसल को बीज के लिये बरेजे में लगाये थे लेकिन कड़ाके की ठण्ड से पान किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। इन पान किसानों के सामने अब बीज का संकट पैदा हो गया है। महाराजपुर के पान किसान मनोज चौरसिया, राजकुमार, राजेश, सुरेन्द्र, मनोहर आदि ने बताया कि ठंड के कारण बरेजे में जो बेल बची हैं वे भी सूखती जा रही हैं जिसे देखकर किसानों के आँसू निकल गये क्योंकि साल भर की मेहनत और लागत लगने के बाद सब बर्बाद हो गया। गढ़ी मलहरा क्षेत्र के पान किसान अरविन्द, भूपेन्द्र, वीरेन्द्र, प्रकाश, राजेन्द्र, जमना प्रसाद  ने बताया कि पान बरेजे बनाने में हर साल लाखों रूपये हम लोग खर्च करते हैं लेकिन कभी भीषण गर्मी कभी बरसात कभी, कभी बीमारियों से फसल नष्ट हो जाती है।  गढ़ी मलहरा के पान किसान डॉ. हरिश्चन्द्र चौरसिया ने बताया कि वर्षों से पान किसान बगैर शासन की मदद से पान खेती कर रहे हैं इनमें से अनेक किसान तो ऐसे हंै जिनके पास आमदनी का दूसरा जरिया नहीं है ऐसे में इन किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। क्योंकि 80 प्रतिशत से अधिक पान की फसल खराब हो गई है। मप्र पान किसान एवं व्यापारी संगठन के जिला अध्यक्ष चितरंजन चौरसिया ने बताया कि प्रति वर्ष प्राकृतिक आपदा के कारण लाखों रूपये का नुकसान होता है। मांग करने पर शासन द्वारा सर्वे कराकर ऊँट के मुँह में जीरे के समान मुआवजा दिया जाता है इससे किसानों का कोई भला नहीं होता। अत: पान किसानों को आरबीसी के नियमों तहत मुआवजा दिलाये जाये।

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