उद्यानिकी फसलों से बढ़ेगी आमदनी

Share On :

hike-from-horticultural-crops

बेमेतरा। कलेक्टर महादेव कावरे ने आज कृषि से जुड़े एलॉयड सेक्टर कृषि पशुपालन, उद्यानिकी, मछली पालन विभाग के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि बेमेतरा एक प्रमुख कृषि उत्पादक जिला है। यहां किसानों को उनकी अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने के लिए उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देना होगा इसके साथ-साथ दुग्ध उत्पादन से जोड़कर उनकी आमदनी में वृद्धि की जा सकती है। इसके अलावा मछली पालन कर किसान अपनी आय दुगुनी कर सकते है। कलेक्टर ने चारों विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जिले में कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करें। इसके अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग यूनिट, शुगर फैक्टरी, टोमैटो सेफ्टी प्लान, सोयाबीन आयल इण्डट्रीज शामिल है। बैठक में कृषि विभाग के उप संचालक जे.एस. राजपूत, पशुधन विभाग के उप संचालक डॉ. ए.के. सिंग, उद्यान विभाग के सहायक संचालक मनोज अंबज, मछली पालन विभाग प्रभारी सहायक संचालक उपस्थित थे।

कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिले में हार्टीकल्चर फसल को बढ़ावा देने किसानों का रकबा बढ़ाये, धान सोयाबीन के साथ-साथ साग-सब्जी का भी उत्पादन कर किसान अपनी आमदनी में बढ़ोत्तरी कर सकते है। पपीता, केला, प्याज, हल्दी, एप्पल बेर, सीताफल, कागजी नींबू, मशरूम उत्पादन को बढ़ावा दें। जिला पंचायत के सीईओ एस. आलोक ने जिले के 10 हजार निर्मित प्रधानमंत्री आवासों में मुनगा एवं नींबू के पौधों की आपूर्ति करने के निर्देश उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे पशुओं को व्यवस्थित रखेंगे तो सड़कों पर आवारा विचरण नहीं करेंगे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयेगी। जिले के ग्राम झालम में स्थापित गौ-अभ्यारण्य में वर्तमान में 231 गायें है। इनमें से 24 बंदेलीन गाय भी है। 

कलेक्टर ने पशुधन विकास विभाग द्वारा कुक्कुट पालन के अंतर्गत चुजा वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुक्कुट पालन से यदि किसी हितग्राही के जीवन स्तर में बदलाव आया है तो इसका प्रचार-प्रसार जरूर करें। जिले के बेरला ब्लॉक में दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी हुई है इसका भी प्रचार-प्रसार करें। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि जिला पंचायत द्वारा 55 तालाब स्वीकृत है। इसमें हितग्राही मछली पालन कर अपनी आमदनी बढ़ा सकते है। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में कपास उत्पादन की भी खेती की जा रही है। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिल रही है।  

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles