किसानों के लिए स्कीम, सहायता, सुविधा

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कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार, किसानों के लाभार्थ विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का कार्यान्वयन अपने संस्थानों/ संगठनों और राज्य सरकारों के माध्यम से करता है। इसमें प्रकाशित की गई विभिन्न स्कीमों से संबंधित निर्देशों, परिपत्रों और अनुदेशों से इन स्कीमों के अंतर्गत प्रोत्साहित विभिन्न घटकों के लाभों के प्रकार और उनकी सीमा के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध होती है।

कृषक जगत द्वारा शृंखलाबद्ध रूप से किसानों को जानकारी दी जाएगी और क्षेत्र विस्तार कर्मियों, गैर सरकारी संगठनों एवं कृषि विकास कार्य में लगे हुए तथा नीति निर्माताओं के लिए एक रेडी रेकनर के रूप में उपयोगी होगी। इसमें विभिन्न स्कीमों/ कार्यक्रमों से संबंधित सूचना कृषि क्षेत्र के लोग उचित समय पर प्राप्त कर पाएंगे।

                   - सम्पादक

बागवानी-अधिक आय के लिए फलों, सब्जियों और फूलों की खेती

क्या करें ?
  • कम भूमि से अधिक आय प्राप्त करने के लिए बागवानी फसलों को उगायें।
  • अच्छी फसल के लिए उच्च गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री का इस्तेमाल करें।
  • अधिक समय तक फलों और सब्जियों को ताजा रखने के लिए शीत-भण्डारण सुविधाएं/ शीत गृहों का इस्तेमाल करें।
  • फसल कटाई, स्वच्छता उपायों, श्रेणीकरण, प्रसंस्करण और पैकेजिंग के सही तरीकों को अपनाकर अधिक आय अर्जित करें।
  • पॉली-हाऊसों और लो-टनल में गैर मौसमी सब्जियों और फलों का उत्पादन करें।
क्या पायें ?

 

क्र. सहायता की किस्म        सहायता/अधिकतम सीमा का मानदंड स्कीम/घटक
  राज सहायता प्रति इकाई क्षेत्र अधिकतम राज सहायता  
ख) लागत प्रभावी फसलों के अलावा फलों की अन्यत फसल
क) सामान्य दूरी का उपयोग करके लागत प्रभावी फसलों के अलावा फलों की अन्य फसलें
1) ड्रिप सिंचाई के साथ समेकित  रोपण सामग्री, ड्रिप प्रणाली, आईएनएम/आईपीएम कैनोपी प्रबंधन आदि के लिए 60:20:20 की तीन किस्तों में खर्च को पूरा करने हेतु अधिकतम 0.40 लाख रु. प्रति हे. (लागत का 40%) बशर्त कि दूसरे वर्ष में 75% और तीसरे वर्ष में 90% की दर निर्धारित की जाए और गैर बारह मासी फसलों के लिए अदायगी 75:25 की दो किस्तों में की जाए। रु. 1.00 लाख प्रति हे. एमआईडीएच के तहत एनएमएच और एचएमएनईएच की उप स्कीमें
2) समेकन के बगैर रोपण सामग्री और आईएनएम/ आईपीएम की लागत पर संबंधित खर्च को पूरा करने हेतु अधिकतम प्रति हे. 0.30 लाख रु. (लागत का 50%) सभी राज्यों को तीन किस्तों में रु. 60,000 प्रति हे. --तदैव--
5. मसाले (अधिकतम 4 हेक्टेयर प्रति लाभार्थी के लिए)    
1) बीज वाले मसाले और जड़ वाले मसाले रोपण सामग्री और आईएनएम/ आईपीएम की लागत पर संबंधित खर्च को पूरा करने हेतु अधिकतम प्रति हे. 12,000 रु. (लागत का 40%)। रु. 30,000/- प्रति हे. --तदैव--
2) बारहमासी मसाले (काली मिर्च, दाल चीनी, लौंग और जायफल) रोपण सामग्री और आईएनएम/ आईपीएम सामग्री लागत पर खर्च को पूरा करने हेतु अधिकतम 20000 हजार रु. प्रति हे. (लागत का 40%) रु. 50,000 प्रति हे. --तदैव--
6. फूल (प्रति लाभार्थी 2 हेक्टेयर के लिए)
1) कट पुष्ट                                                          2) कन्द पुष्प                                                        3) लूज पुष्प सामान्य क्षेत्रों में छोटे और सीमांत किसानों के लिए लागत का 40% अन्यन श्रेणी के किसानों के लिए लागत का 25%। 1) रु. 1.00 लाख/हे.                                               2) रु. 1.5 लाख/हे.                                             3) रु. 40,000/हे.  --तदैव--
7. सुगंधित पादप (प्रति लाभार्थी 4 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए)
1) लागत प्रभावी सुगंधित पादप (पचौली,जिरेनियम, रोजमेरी आदि) रोपण सामग्री और आईएनएम/ आईपीएम सामग्री लागत पर खर्च को पूरा करने हेतु अधिकतम रु. 40,000 हजार रु. प्रति हे. के तक सीमित (लागत का 40%) 1) 1,00,000 रु. प्रति हे. --तदैव--
2) अन्य-सुगंधित पादप 2) रोपण सामग्री और आईएनएम-आईपीएम सामग्री लागत पर खर्च को पूरा करने हेतु अधिकतम रु. 16,000 प्रति हे. तक सीमित (लागत का 40%) 2) रु. 40,000 प्रति हे. -- तदैव --
8. रोपण फसलें (प्रति लाभार्थी अधिकतम 4 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए)
1) काजू और कोको                                            अ) ड्रिप सिंचाई के साथ समेकित पैकेज 60:20:20 की तीन किस्तों में ड्रिप प्रणाली आईएनएम/आईपीएम, रोपण सामग्री और सामग्री लागत पर खर्च को पूरा करने हेतु अधिकतम रु. 0.40 लाख प्रति हे. (लागत का 40%) बशर्त कि दूसरे वर्ष में 50% और तीसरे वर्ष में 90% की दर निर्धारित की जाये। रु. 1.00 लाख प्रति हे. -- तदैव --
ख) समेकन के बिना रोपण सामग्री पर व्यय को पूरा करने के लिए रु. 0.20 लाख प्रति हेक्टेयर और दो वर्ष में 75 प्रतिशत और तीन वर्ष में 90% की जीवन दर के अध्यधीन 60:20:20 की तीन किश्तों में आईएनएम/आईपीएम हेतु सामग्री पर लागत। रु. 50,000/- प्रति हेक्टेयर -- तदैव--
9. मशरूम
1) उत्पादन इकाई ऋण से जुड़ी राजसहायता के रूप में आधारभूत अवसंरचना पर व्यय को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र हेतु लागत का 40 प्रतिशत और सार्वजनिक क्षेत्र हेतु कम्पोस्टिंग लागत का 100 प्रतिशत। रु. 20 लाख/यूनिट -- तदैव --
2)स्पॉयन मेकिंग इकाई ऋण से जुड़ी राजसहायता के रूप में आधारभूत अवसंरचना पर व्यय को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र हेतु लागत का 40 प्रतिशत और सार्वजनिक क्षेत्र हेतु कम्पोस्टिंग लागत का 100 प्रतिशत। रु. 15 लाख/इकाई -- तदैव --
3)कंपोस्ट मेकिंग इकाई ऋण से जुड़ी राजसहायता के रूप में आधारभूत अवसंरचना पर व्यय हेतु लागत का 40 प्रतिशत और सार्वजनिक क्षेत्र हेतु कम्पोस्टिंग लागत का 100 प्रतिशत। रु. 20 लाख/इकाई -- तदैव --
10. जराजीर्ण बागों का                                पुरुद्धार/प्रतिस्थापन,                                  कनौपी प्रबंधन रु. 20,000/- हेक्टेयर अधिकतम के अध्यधीन कुल लागत का 50% (दो हेक्टेयर/लाभार्थी अधिकतम) रु. 40,000/- प्रति हेक्टेयर -- तदैव --

अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारी से संपर्क करें।

 

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