रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

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  • मटर, मसूर, चना, आलू एवं सब्जियों को पाले से बचाव के लिए हल्की सिंचाई करें एवं खेत की मेड़ पर भूसा जलाकर धुआ करें। घुलनशील सल्फर का 1मिली प्रति लीटर पानी में घोल बाना कर छिड़काव करें।
  • सरसों में चेपा कीट का प्रकोप अधिक हो तो इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल एक मिली/तीन लीटर पानी में या डायमिथिएट दवा का 1.0 मिली/लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  • गेहंू की फसल में दूसरी सिंचाई 40-45 दिनों के बाद करें बाद की सिंचाई 20-25 दिनों के अंतराल पर करें।
  • चना में उकठा या शुष्क जड़ सडऩ की शिकायत होने पर ग्रसित पौधों को खेत से निकाल कर नष्ट करेेंं, तथा सिंचाई के समय खेत में ट्राइकोडर्मा विरिडी 1 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से गोबर की खाद में मिलाकर भुरकाव  करें।
  • फसल की कटाई के बाद नरवाई खेत में न जलायें। फसल के अवशेष जलाने से खेत में उपलब्ध सूक्ष्म जीवाणु एवं मित्र कीट नष्ट होते हैं, जिससे खेत की उपजाऊ शक्ति में कमी आती है।

उद्यानिकी :

  • फलदार उद्यान में सिंचाई की टपक पद्धति का उपयोग कर जल की उपयोगिता बढ़ा सकते हैं।
  • आलू पछेती झुलसा के नियंत्रण करने के लिए डाइथेन एम-45 दवा की 2 ग्राम मात्रा प्रति लीटर उपयोग करें।

पशुपालन :

  • ठण्ड के अधिक गिरने पर मुर्गी पालक भईयों को विशेष सलाह है कि पोल्ट्री शेड में रात के समय 200 वाट के बल्ब का प्रयोग करें। और रात में मुर्गियों को ठंड से बचाएं।

कृषि, पशुपालन, मौसम, स्वास्थ, शिक्षा आदि की जानकारी के लिए जियो चैट डाउनलोड करें-डाउनलोड करने की प्रक्रिया:-

  • गूगल प्ले स्टोर से जियो चैट एप का चयन करें और इंस्टॉल बटन दबाएं। 
  • जियो चैट को इंस्टॉल करने के बाद, ओपन बटन दबाएं।
  • उसके बाद चैनल बटन पर क्लिक करें और चैनल Information Services MP का चयन करें। 
  • या आप नीचे के QR Code को स्कैन कर, सीधे Information Services MP चैनल का चयन कर सकते हैं। 

टोल फ्री नं.18004198800 पर 
संपर्क करें सुबह 9.30 से शाम 7.30 बजे तक

 

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