लाख से बनें लखपति

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लाख का उपयोग 

लाख का उपयोग विद्युत कुचालक वार्निश, फलों एवं दवाओं पर कोटिंग, पॉलिश, सजावट की वस्तुएं, रंगाई, सील, श्रृगांर के प्रसाधन इत्यादि में किया जाता है।

लाख के पोषक वृक्ष

व्यापारिक लाख उत्पादन के दृष्टिकोण से कुसम एक उत्कृष्ट पालक वृक्ष है, जिस पर उच्च गुणवत्ता एवं मूल्य की कुुसमी लाख का उत्पादन संभव है। इसके अतिरिक्त बेर पर भी कुसमी लाख की खेती संभव है। रंगीनी लाख की खेती हेतु पलाश एवं बेर के वृक्षों का उपयोग किया जाता है। 

लाख उत्पादन में पोषक वृक्षों का महत्व

लाख कीट के पोषक वृक्ष बहुतायात में खेत की मेड़ों, पड़ती भूमि एवं वन में पाये जाते हंै। पलाश, बेर, कुसुम इत्यादि प्रमुख पोषक वृक्ष हैं। इन पौधों पर लाख कीट के पालने से इस पर कोई विपरीत प्रभाव नही पड़ता है, असिंचित एवं बारानी खेती वाले क्षेत्र में इन पौधों से लाख उत्पादन कर अतिरिक्त नगद आय प्राप्त किया जा सकता है।

वृक्षों की कांट-छांट

लाख कीट पोषक वृक्ष की कोमल टहनियों पर बैठकर रस चूसते हुए नये अपने जीवन चक्रको पूर्ण करता है। अत: कोमल टहनियों की उपलब्धता हेतु उचित समय एवं विधि से वृक्षों की शाखाओं की कांट-छांट आवश्यक है।

लाख, केरिया, लक्का, नामक कीट से उत्पादित होने वाली एक प्राकृतिक राल है। यह कीट पोषक वृक्ष के कोमल शाखाओं से रस चूसकर भोजन प्राप्त करते हुए, अपनी सुरक्षा हेतु राल का स्त्राव कर कवच का निर्माण करते हैं, जो हमें लाख के रूप में प्राप्त होती है। लाख का उत्पादन वास्तव में मादा कीट के द्वारा होता है। लाख एक नगद फसल होने के कारण देश के बहुत से ग्रामीण आदिवासियों की जीविका का सहारा भी होती है।

पोषक वृक्षों पर बीहन लगाना (लाख कीट संचारण करना)

बीहन लाख के बण्डल बनाकर वृक्षों की कोमल टहनियों में आवश्यक मात्रा में सुतली से बांध दिये जाते हैं। पोषक वृक्षों की लाख लगी टहनियों से मादा लाख कीटों के कवच से निकल रहे शिशु कीटों का पोषक वृक्षों की टहनियों पर फैलाने (संचार) की प्रक्रिया ही कीट संचारण कहलाती है। लाख पालन में बीहन लाख की परिपक्वता तथा इससे शिशु कीट बाहर आने के समय का ज्ञान होना बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीज/बीहन के रूप में कीटों का संचारण पोषक वृक्षों पर उचित समय पर किया जाना आवश्यक है।

सिफ्टिंग करना

लाख संचरण के चार से पांच दिन बाद बीहन लाख के बंडलों को वृक्ष की उन शाखाओं पर स्थानान्तरित कर देते हैं जिस जगह पर लाख कीट बहुत कम मात्रा में है या फिर नहीं संचारित हुआ है जिससे की पूरे वृक्ष पर समान रूप से लाख संचरण हो जाये। 

फूंकी उतारना

बीहन लाख से कीट के निर्गमन पश्चात शेष लाख लगी डंडियों को फूंकी कहा जाता है। फूंकी लाख को वृक्षों से शीतकाल में बीहन संचारण करने की तिथि से 20 .22  दिन के भीतर एवं ग्रीष्मकाल में 15.20  दिन के भीतर उतार लेना चाहिए, अन्यथा फूंकी लाख में मौजूद लाख कीट के शत्रु कीट निर्गम से नई फसल में नुकसान पहुँचाये जायेंगे। फूंकी लाख को छीलकर प्राप्त लाख की तत्काल बिक्री कर दें। 

फसल संरक्षण: लाख कीट, मधुरस उत्पादित करता है जिसके कारण शीत कालीन फसल में फफूंद के आक्रमण के प्रति काफी संवेदनशील होती है, जिससे फसल पर शत्रु कीटों तथा बीमारियों का आक्रमण अधिक होता है तथा पैदावार में कमी आ जाती है इनसे बचाव हेतु कीटनाशक का प्रथम छिड़काव कीट संचारण के 30 दिन पश्चात किया जाता है।

फसल कटाई एवं छिलाई: बीहन संचारण के लगभग 6 माह पश्चात परिपक्व लाख की फसल का उपयोग कीट संचारण हेतु भी किया जा सकता है। उत्पादित लाख के बीहन के रूप में स्वयं के उपयोग किये जाने एवं विक्रय किये जाने के पश्चात शेष लाख लगी टहनियों की छिलाई चाकू-छुरी से कर, खुले एवं हवादार स्थान में 6'' 9'' इंच मोटी परत में फैलाकर रखें। लाख पपडिय़ों को टहनियों से अलग या छिलाई इस प्रकार करें कि लाख चूरा कम से कम हो क्योंकि बड़े टुकड़े का मूल्य अधिक प्राप्त होता है।

लाख प्रसंस्करण: छिली लाख का प्रसंस्करण कर चौरी लाख तैयार किया जा सकता है। सर्वप्रथम छिली लाख को छोटे छोटे टुकड़ों में विभाजित कर दाना लाख को साफ किया जाता हैए तथा उसमें उपस्थित अवांछनीय हल्के कणों को हटाकर साफ कर लिया जाता है। 7.9 ली. ठंडे पानी में 2.5 ग्राम कास्टिक सोडा डालकर घोल तैयार किया जाता है। विनोवर से प्राप्त लाखको तैयार किये गये कास्टिक सोडा घोल में डालकर धुलाई की जाती है। धुलाई के बाद प्राप्त चौरी को हल्की धूप में सुखाया जाता है। इसके पश्चात पुन: चौरी में उपस्थित शेष टुकडों एवं धूल कणों को विनोवर के द्वारा अलग किया जाता है। सामान्यत: 1 किलोग्राम, छिली लाख से 600-700 ग्राम चौरी लाख प्राप्त होता है। तत्पश्चात प्राप्त चौरी को ग्रेडर द्वारा ग्रेड कर उचित मूल्य में विक्रय किया जाता है। इस प्रकार लाख खेती एवं प्रसंस्करण से जुडऩे के इच्छुक ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से छोटी चौरी लाख प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की जा सकती है, जिसमें उत्पादित कच्चे लाख को चौरी लाख में परिवर्तित करने का भंडारण अवधि में लगभग 1 वर्ष तक की वृद्धि की जा सकती है। छिली लाख की तुलना में चौरी लाख के विक्रय से अधिक मूल्य भी प्राप्त होता है।
 

माह कुसमी रंगीनी
जनवरी
  • शीतकालीन फसल की उपज का आकलन ग्रीष्मकालीन फसल के लिये बीहन लाख की आवश्यकता का अनुमान 
  • कुछ नये कुसम वृक्षों की कांट-छांट करना।
  • पलास/बेर के वृक्षों से दीमक की सफाई।
  • कीट नाशक दवा एमामेक्टिन बेन्जोएट या कर्टप हाईड्रोक्लोराइड का छिड़काव (अंतिम सप्ताह) नर कीट निकलने से पहले।
फरवरी
  • अगहनी फसल की कटाई एवं वृक्षों की कांट-छांट।
  • 60न. की नाइलोन जाली में बीहन भरकर कीट संचारण की प्रक्रिया संपन्न करना।                                              
  • फूंकी हटाना और छीलना।
  • आवश्यकता पडऩे पर लाख लगे वृक्षों की आंशिक कांट-छांट।
मार्च
  • कीटनाशक एमामेक्टिन बेन्जोएट या कर्टप हाईड्रोक्लोराइड का प्रथम छिड़काव।
  • ग्रीष्मकालीन अरी (कच्ची) फसल की उपज का आकलन।
  • कीटनाशक एमामेक्टिन बेन्जोएट या कर्टप हाईड्रोक्लोराइड का छिड़काव।
अप्रैल
  • आवश्यकता पडऩे पर दूसरा छिड़काव (पहले छिड़काव के एक माह पश्चात)।
  • बीहन लाख खंड के वृक्षों की कांट-छांट।        
  • अरी लाख खण्ड से फसल कटाई और कांट-छांट एवं छिलाई।
मई
  • क्राइसोपा (हरी तितली) दिखने पर एमामेक्टिन बेन्जोएट या कर्टप हाईड्रोक्लोराइड।
  • छिली लाख की बिक्री।
जून
  • जेठवी/ग्रीष्मकालीन फसल की उपज का आकलन तथा निर्गमन।
  • पूर्वानुमान शीतकालीन फसल हेतु बीहन लाख की आवश्यकता का अनुमान। 
  • ग्रीष्मकालीन बीहन लाख से कीट निर्गमन का पूर्वानुमान।
जुलाई
  • ग्रीष्मकालीन फसल की आंशिक कटाई (लाख पर पीला धब्बा देखकर)     
  • शीतकालीन फसल के लिए लाख कीट संचारण (स्व संचारण) फूंकी हटाना और छीलना।
  • बीहन लाख खण्ड से ग्रीष्मकालीन की फसल को स्व संचारण के लिये छोडऩा।              
  • अतिरिक्त लाख को काट कर बेचना। 
अगस्त कीटनाशक एमामेक्टिन बेन्जोएट या कर्टप हाईड्रोक्लोराइड कीटनाशक दवा का पहला छिड़काव बीहन बढ़ाने के एक माह पश्चात। कीटनाशक एमामेक्टिन बेन्जोएट या कर्टप हाईड्रोक्लोराइड दवा का छिड़काव।
सितम्बर एमामेक्टिन बेन्जोएट या कर्टप हाईड्रो- क्लोराइड एवं मेन्कोजेब या कार्बेन्डाजिम फफूंदनाशक दवा का दूसरा छिड़काव। कार्बेन्डाजिम दवा का दूसरा छिड़काव।एमामेक्टिन बेन्जोएट या कर्टप हाईड्रोक्लोराइड एवं मेन्कोजेब या 
अक्टूबर एमामेक्टिन बेन्जोएट या कर्टप हाईड्रो-क्लोराइड एवं मेन्कोजेब या कार्बेन्डाजिम फफूंदनाशकदवा का तीसरा छिड़काव आवश्यकता पडऩे पर।
  • शिशु कीट बाहर आते देखकर बीहन लाख की कटाई।
  • बीहन लाख द्वारा (बीहन एवं अरी) खण्डों में लाख कीट संचारण। 
नवम्बर शीतकालीन फसल को चोरी से बचने का उपाय करना।
  • फूंकी हटाना और छीलना।        
  • परजीवी एवं परभक्षी कीटों की संख्या का आकलन।
  • कीटनाशक दवा का पहला छिड़काव।
दिसम्बर अगहनी (शीतकालीन) फसल से कीट निगर्मन का पूर्वानुमान लगाना। कीटनाशक दवा का दूसरा छिड़काव आवश्यकता पडऩे पर।

 

  • ब्रजेश कुमार नामदेव
  • email :  kvkgovindnagar2017@gmail.com
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