मैंने राज 41-20 तथा विजय 502 गेहूं की किस्में लगाई हैं बुआई 3 दिसंबर को की है। पूर्ण सिंचित है अब क्या करें ताकि अधिक उत्पादन मिल सके।

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समाधान- आपने राजस्थान की जातियां लगाई हैं जो कि प्रदेश के लिये अनुशंसित  नहीं है फिर भी अब आपने लगा ही ली है तो उनका रखरखाव करना जरूरी है। आपने दूरभाष पर बताया है कि आपके पास बची शेष जमीन पर लोक 1 लगाना चाहते हैं तो हमारी सलाह है कि लोक 1 के बीज में कंडुआ बीमारी छुपी रहती है यथासंभव उसे नहीं लगाना चाहिये फिर भी यदि मजबूरी में लगाना हो तो बीज का उपचार अनिवार्य रूप से विटावैक्स से करके ही लगायें।

  • प्रदेश के लिये सामान्य समय पर बुआई के लिये गेहूं की जी.डब्ल्यू273, जी-डब्ल्यू 322, जी-डब्ल्यू 1142, मालवशक्ति, सुधा, जे.डब्ल्यू 1201 ही लगाये।
  • देरी से बुआई की स्थिति में जी-डब्ल्यू 173, डी.एल.758-2 (विदिशा), एचआई1418, एच.डी. 2932 ही लगाये।
  • आपने जो जातियां लगाई हैं उनमें पहली सिंचाई 21 दिन बाद जरूरी है। सिंचाई के पहले निंदाई फिर टाप ड्रेसिंग करें।
  • विलम्ब से बुआई 25 दिसम्बर के पहले ही कर दें। 
  • यदि लोक 1 लगाना पड़े तो 2 ग्राम वीटावैक्स प्रति किलो बीज का करें।
  • बीस दिनों के अंतर से सिंचाई करें।

- धर्मेन्द्र सिंह तोमर, मुरैना

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