रबी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत

पिछले दस वर्षों में देश ने रबी फसलों के उत्पादन में अच्छी खासी प्रगति की है, रबी की प्रमुख खाद्यान्न फसल जिसका वर्ष 2007-08 में 785.7 लाख टन उत्पादन हुआ था व दस वर्ष बाद 2016-17 में 983.8 लाख टन पहुंच गया। इन दस वर्षों में गेहूं के उत्पादन में 198.1 लाख टन की वृद्धि हुई है। इसमें प्रति वर्ष औसतन 16.5 लाख टन की वृद्धि हुई है। अभी भी गेहूं की उत्पादकता में राज्य से राज्य व जिले से जिले की उत्पादकता में सार्थक अन्तर देखने को मिलता है। अब आवश्यकता है कि जिले वार गेहूं की उत्पादकता का अध्ययन किया जाये व कम उत्पादकता वाले जिलों को चिन्हित कर उनमें कम उत्पादकता के कारणों का अध्ययन कर उनका निराकरण किया जाये या ऐसे जिलों में विकल्प फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाये। इसके लिए कानून बनाने की आवश्यकता हो तो उससे भी नहीं झिझकना चाहिए।

रबी की दूसरी प्रमुख दलहनी फसल चने के उत्पादन में भी पिछले दो वर्षों में अच्छी प्रगति देखने को मिली है। चने का उत्पादन वर्ष 2007-08 में 57.5 लाख टन था वह वर्ष 2015-16 तक बढ़कर 70.6 लाख टन तक पहुंच पाया। वर्ष 2016-17 में इसका उत्पादन बढ़कर 93.3 लाख टन तक पहुंच गया जो एक रिकॉर्ड है। पिछले दस वर्षों में इसमें 35.8 लाख टन की वृद्धि हुई है। जिसमें से 22.7 लाख टन की वृद्धि पिछले एक वर्ष में ही हुई है। चने के उत्पादन में पिछले दस वर्षों में प्रतिवर्ष औसतन लगभग 1.9 लाख की वृद्धि हुई है। चने के उत्पादन बढ़ाने में वर्तमान परिस्थितियों में उत्पादन तकनीक से अधिक पौध संरक्षण तकनीक का योगदान देखने को मिला है। चने में इसके प्रमुख कीट चने की इल्ली की उत्पादन प्रभावित करने में प्रमुखता रहती है। इस कीट की गतिविधियों की पूर्व सूचना किसानों तक यदि समय रहते पहुंच जाये तो यह किसानों को इसके प्रबंधन में सहयोग प्रदान करेगी। इसके प्रयास किये जाने चाहिए।

रबी की प्रमुख तिलहनी फसल सरसों का उत्पादन भी पिछले दस वर्षों में सार्थक रूप से बढ़ा है। वर्ष 2007-08 में जहां देश में सरसों का कुल उत्पादन 58.34 लाख टन था वह वर्ष 2016-17 में बढ़कर 79.77 लाख टन तक पहुंच गया। पिछले दस वर्षों में इसमें 21.43 लाख टन की वृद्धि हुई है जो औसतन प्रति वर्ष लगभग 1.78 लाख टन रही।

रबी की सभी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है जो अभी विश्व के अन्य अग्रणी देशों से काफी कम है। इसके लिए प्रयास करते रहने होंगे।

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