चने की फसल में हर वर्ष उकटा रोग आता है। नियंत्रण या बचाव के उपाय बतायें।

समाधान- चने का उकटा रोग सामान्य रूप से आता है। उकटा रोग की फफूंदी मिट्टी में रहती है। तथा साल दर साल पनपती रहती है। इस रोग के नियंत्रण के बजाय बचाव के उपाय अधिक कारगर हैं कृपया आप निम्न करें।

  • ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई करके मिट्टी में छुपी फफूंदी को नष्ट करें।
  • बुआई पूर्व बीज का उपचार ट्राईकोडर्मा 5 ग्राम/किलो बीज के हिसाब से अथवा 2 ग्राम थाईरम/किलो बीज का करें।
  • हर वर्ष एक ही जमीन में चने की खेती नहीं करें।
  • रोग रोधी जातियां जैसे जे.जी. 315, जे.जी. 74, जे.जी. 11, जे.जी.130, जे.जी.16 भारती, जे.जी.63, जे.जी.322, विजय श्वेता, काक 2, बी.जी. 1053 इत्यादि ही लगायें।
  • चना के साथ अलसी की अंतरवर्तीय फसल लगायें दो कतार चने के साथ 1 कतार अलसी की लगायें।
  • ट्राईकोडर्मा 5 ग्राम/लीटर पानी में घोल बनाकर सीमित क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में मिट्टी में डालें।

- सुन्दरलाल चौधरी, बकतरा

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