जापानी वैज्ञानिक से मिले सतना के किसान

Share On :

जापानी-वैज्ञानिक-से-मिले-सतना-के-किसा

सागर। सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने हेतु जापानी सहयोग से कृषि विज्ञान केन्द्र, सागर के माध्यम से चलाई गई परियोजना के प्रभाव के आकलन हेतु जापानी वैज्ञानिक टाडायोशी मशुदा, किंदायी विश्वविद्यालय, जापान द्वारा गत दिनों डॉ. के.एस. यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख के साथ ग्राम-सत्ताढाना का भ्रमण कर कृषकों से परिचर्चा कर सोयाबीन उत्पादकता बढ़ाने हेतु सुझाई गई तकनीकी के अंगीकरण तथा उसके प्रभाव की जानकारी ली। कृषक श्री रघुवर पटेल तथा अन्य लाभार्थी कृषकों ने प्रदर्शनों में सीखी गई तकनीकी यथा मेड़ नाली पद्धति से बुवाई, कल्चर एवं ट्राईकोडर्मा का उपयोग तथा समय पर नींदानाशी व कीटनाशी के उपयोग से उत्पादकता में 50-60 प्रतिशत वृद्धि की बात कही। कृषकों ने बताया कि इमिडाक्लोप्रिड 48 प्रतिशत से बीजोपचार करने पर हमारी फसलों में पीला मोजेक का प्रकोप नहीं हुआ है। मृदा जलधारण क्षमता बढ़ाने हेतु सबसायलर से की गई जुताई वाले खेत में सोयाबीन के बाद आलू लगाने पर आलू का उत्पादन अधिक प्राप्त हुआ। साथ ही भण्डारण के दौरान सोयाबीन बीज का अंकुरण ज्यों का त्यों रहा। भ्रमण के दौरान जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. दीपक राठी, सह प्राध्यापक (कृषि अर्थशास्त्र) तथा डॉ. आशीष कुमार त्रिपाठी, वैज्ञानिक- पौध संरक्षण, कृषि विज्ञान केन्द्र सागर ने भी अपने अनुभव कृषकों के साथ साझा किए। परिचर्चा के दौरान ग्राम- सत्ताढाना, सेमाढाना के लगभग 30-40 कृषकों ने भाग लिया।
 

Share On :

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated Articles