नेटाफिम पर 50 हजार का जुर्माना ठोका

एफ.आई.आर. के बाद 6 स्प्रिंकलर-ड्रिप निर्माता प्रतिबंधित

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। प्रदेश में प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में नित नये घोटाले सामने आ रहे हैं। कुछ समय पहले नये बने जिले आगर में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की आंच ठंडी भी नहीं हुई थी कि उज्जैन जिले में एक नामी गिरामी ड्रिप निर्माता कम्पनी द्वारा गड़बड़ी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामला उजागर होने के बाद उद्यानिकी विभाग द्वारा म.प्र. फार्मर्स सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम पोर्टल ( रूक्कस्नस्ञ्जस्) पर गलत जानकारी देने के कारण नेटाफिम इरीगेशन इंडिया प्रा. लि. वडोदरा पर रुपए 50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। यह अर्थदंड आयुक्त उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ‘पर क्रॉप मोर ड्रॉप’ योजना में कृषकों को सामग्री प्रदाय किये बिना पोर्टल पर कार्य पूर्ण दर्शाने के कारण लगाया गया है। यह कार्यवाही मैदानी स्तर पर भौतिक सत्यापन के बाद की गई है। संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी द्वारा अनुदान योजनाओं के पारदर्शितापूर्ण संचालन के लिये रूक्कस्नस्ञ्जस् पोर्टल प्रारंभ किया गया था। इस पोर्टल के कारण राज्य में विभाग की अनुदान योजनाओं के पारदर्शितापूर्ण क्रियान्वयन में तेजी आई है। प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो रहा है। प्रकरण के निराकरण की प्रक्रिया के लिये हर स्तर पर समयावधि निर्धारित है।

प्रतिबंधित कम्पनियां
  • हिन्द पाईप इंडस्ट्रीज
  • एग्रो लीडर पाइप्स एंड प्रोडक्शन 
  • आशिता इंडस्ट्रीज
  • के.के. पाइप्स एण्ड प्रोडक्ट्स
  • दत्ता इरीगेशन कं.
  • पिंक विजन एग्रोटेक

विभाग द्वारा योजनाओं एवं प्रकरणों के संबंध में समय-समय पर आवश्यक सूचनाएं भी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाती रहती हैं। विभाग ने नेटाफिम के प्रकरण को ध्यान में रखते हुए सभी निर्माताओं को पोर्टल के माध्यम से ही सूचित किया है कि निर्माताओं द्वारा अंशदान एवं अनुदान से संबंधित दस्तावेज तुरंत अपलोड नहीं करने की स्थिति में उनके आवेदन को भौतिक सत्यापन के दौरान निरस्त कर दिया जायेगा। इसी तरह पुराने प्रकरण में एफआईआर के बाद 6 प्रतिबंधित कम्पनियों के नाम पोर्टल पर प्रदर्शित करते हुए उनके हितग्राहियों को दूसरी कम्पनियों के चयन का विकल्प भी प्रदान किया गया है।

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