स्वास्थ्यप्रद है श्रीफल

नारियल एवं इसका पानी दोनों ही काफी गुणकारी हैं तथा औषधि के रूप में घरेलू उपयोग में लाए जाते हैं। नारियल का पानी दूध की तरह ही एक पूर्ण आहार है। विटामिन के रूप में इसमें ‘ए, बी, सी’ विटामिन साथ में प्रोटीन, कैल्शियम एवं लौह तत्व पाए जाते हैं। ये सभी तत्व शरीर के विकास हेतु अत्यंत लाभदायक माने जाते हैं। यदि नारियल का और इसके पानी का उचित समय पर सही उपयोग किया जाए तो घरेलू प्रकार की कई छोटी-छोटी तकलीफों पर काबू किया जा सकता है।
हिचकी –कच्चे नारियल का पानी पीने से हिचकी खत्म होती है। साथ ही उल्टी, पेट की गैस एवं पेटदर्द में भी लाभ होता है।
दमा – नारियल की जटा को जलाकर और पावडर (राख) को शहद में मिलाकर दिन में तीन-चार बार चाटने से अच्छा फायदा होता है।
याददाश्त – नारियल की गिरी में बादाम, अखरोट एवं मिश्री मिलाकर सेवन करने से स्मृति शक्ति में वृद्धि होती है।
नकसीर – नाक से खून निकलने पर कच्चे नारियल का पानी नियमित रूप से पीना चाहिए। साथ ही खाली पेट नारियल के सेवन से भी रक्त का बहाव रुक जाता है।
मुहाँसे – नारियल के पानी में खीरे का रस मिलाकर सुबह-शाम नियमित रूप से लगाने से चेहरे के दाग मिटते हैं। चेहरा सुंदर एवं चमकदार हो जाता है। नारियल के तेल में नींबू का रस अथवा ग्लिसरीन मिलाकर चेहरे पर लेप करने से भी मुहाँसे मिटते हैं।
अनिद्रा – रात के भोजन पश्चात नियमित रूप से आधा गिलास नारियल पानी पीना चाहिए। इससे नींद अच्छी आती है।
सिरदर्द – नारियल तेल में बादाम को मिलाकर तथा बारीक पीसकर सिर पर लेप लगाना चाहिए। इससे सिरदर्द में शीघ्र लाभ होता है।
रूसी – नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाने से रूसी एवं खुश्की से छुटकारा मिलता है।
गर्भावस्था में – सुबह नियमित रूप से 50 ग्राम नारियल की गिरी को चबाने से गर्भवती महिला को स्वास्थ्य में तो लाभ होता ही है। साथ ही गर्भस्थ बालक भी गौरवर्ण का एवं हृष्ट-पुष्ट होता है।
पेट के कीड़े – पेट में कीड़े होने पर सुबह नाश्ते के समय एक चम्मच पिसा हुआ नारियल का सेवन करने से पेट के कृमि शीघ्र ही मर जाते है>

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