Tourist couple walking with Indian man wearing an orange turban

सर्दियों में फिटनेस के स्मार्ट टिप्स

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सर्दियों की शुरुआत से ही कई लोग फिट रहने के लिए कई तौर-तरीके आजमाना शुरू कर देते हैं। कोई सुबह उठकर दौड़ लगाता है तो कोई मैदान में जाकर कसरत करता है। कोई स्वीमिंग पूल में जाकर तैरना शुरू करता है तो कोई फुटबॉल,क्रिकेट,वॉलीबॉल अन्य खेल खेलना शुरू कर देता है। कोई एरोबिक्स से अपने को तंदुरुस्त रखने की कोशिश करता है तो कोई योगा का सहारा लेता है।
फिट रहने के लिए शारीरिक कसरत जरूरी होती है। आमतौर पर देखा गया है कि लोग रूटीन कसरत इसलिए शुरू नहीं कर पाते हैं कि उनमें आवश्यक इच्छाशक्ति की कमी होती है। यही वजह है कि लोग पैदल चलने जैसी सामान्य कसरत भी शुरू नहीं करते और बेवजह मोटापे और बीमारी से घिरे रहते हैं। दरअसल सारा मसला शारीरिक कसरत से जुड़ा है। आप कुछ भी करें, चाहे तो खेलें या फिर जिम जाएं, शारीरिक क्रियाओं से आपकी  ऊर्जा खर्च होना चाहिए।
पैदल चलना सबसे अच्छा
हम सभी ने जीवन में पैदल चलकर शरीर की इस सबसे सुरक्षित कसरत के गुणों को पहचाना है, लेकिन आज पैदल चलने वालों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। चलने से आपके फेफड़े खुलते हैं और आपका रक्त संचार तेज होता है। इससे आपकी नसों में खून का दौरा बढ़ता है और हृदय की कसरत होती है। शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं।
आप अकेले पैदल घूमने निकल सकते हैं अथवा अपने घर के सदस्यों के साथ या दोस्तों के साथ भी जा सकते हैं। अपनी प्यारी सवारी यानी साइकल को निकालें और रोज दस किलोमीटर साइक्लिंग करें। इससे जहां आपके घुटने के जोड़ों पर दबाव नहीं पड़ेगा, वहीं पूरे शरीर की बढिय़ा कसरत भी हो जाएगी। फिटनेस के लिए जॉगिंग से बेहतर कोई दूसरी कसरत नहीं है, खासतौर पर युवाओं के लिए। रनिंग या जॉगिंग के लिए आपको अच्छे और गद्देदार जूतों के अलावा और किसी दूसरे खर्च की जरूरत नहीं होती।
खेल, नृत्य और तैरना है फायदेमंद
फिटनेस के लिए फुटबॉल और वॉलीबॉल के दो गेम पर्याप्त हैं। दोनों खेलों के लिए पूरी टीम हो, जरूरी नहीं है। शौक के तौर पर आधी टीम से भी इन्हें खेला जा सकता है। बैडमिंटन भी एक जबरदस्त कसरत है।
इसके अलावा डांसिंग यानी एरोबिक्स भी एक तरह की कसरत ही है। इससे दिल और फेफड़े मजबूत हो जाते हैं। साथ ही शारीरिक संतुलन भी सुधर जाता है। आप जितनी मर्जी हो, उतने समय तक डांस कर सकते हैं।
कहा जाता है कि तैरने और घुड़सवारी से बड़ी कोई कसरत नहीं होती, जिसमें शरीर के हर हिस्से का इस्तेमाल किया जाता है। तैराकी शुरू करने में उतना भी खर्च नहीं करना पड़ता, जितना दौडऩे के जूते खरीदने में हो सकता है। दरअसल तैराकी के लिए आपको सिर्फ एक बढिय़ा स्वीमिंग-कॉस्ट्यूम की जरूरत होती है। यदि आप किसी नदी या तालाब में तैराकी करते हैं तो इससे अच्छा विकल्प नहीं है।
वॉर्म अप और कूल डाउन
किसी भी कसरत को शुरू करने से पहले वॉर्म अप और बाद में कूल डाउन का विशेष महत्व है और इसे नहीं भूलना चाहिए। कसरत के बाद शरीर के बढ़े हुए तापमान को धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाना चाहिए। इस दौरान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज लगातार जारी रहना चाहिए।
ध्यान रहे सांस फूलने लगे तो अपने चिकित्सक से जरूर मिलें और उसकी सलाह पर ही जॉगिंग करें। याद रखें आप तीन महीनों में मेरॉथान नहीं दौडऩे लगेंगे। इसलिए उतना ही दौड़ें, जितना आपका शरीर इजाजत दे।

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