समस्या- मैं कुछ क्षेत्र में जमीकंद (सूरन) लगाना चाहता हूं। किस तरीके से लगायें मार्गदर्शन दें।

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– ताराचंद, रेहली
समाधान– औषधि गुणों से भरपूर जमीकंद की खेती बहुत सीमित जगहों पर की जाती है वो भी थोड़े क्षेत्र में। आप जमीकंद लगायें क्योंकि आगामी समय इसको लगाने का आ रहा है।

  •  जातियों में देशी तथा श्रीप्रिया जो अधिक चिरपिरी होती है गजेन्द्र जाति में कोई चिरपिराहट नहीं होती है।
  •  खेत की तैयारी अच्छी तरह से की जाये ताकि भूमि भुरभुरी हो जाये ताकि कंदों का अच्छा विकास हो सके।
  •  कतार से कतार दूरी 75-100 सेमी. तथा पौध से पौध 45-60 से.मी.।
  •  कंदों का उपचार थाइरम के घोल से अवश्य करें।
  •  45-50 क्विं. कंद प्रति हेक्टर लगेंगे।
  •  गोबर खाद 200 टन के साथ 300 किलो यूरिया, 150 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 80 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश।
  • यूरिया की आधी मात्रा बोनी के समय तथा पूरा-पूरा स्फुर एवं पोटाश डालें।
  • यूरिया की आधी मात्रा का आधा रोपाई के 35 दिन बाद तथा आधी मात्रा 70 दिन बाद डालें।
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