समस्या – मैं औषधि फसल अश्वगंधा लगाना चाहता हू, तकनीकी बतायें।

– अनिल चौरसिया, छपारा
समाधान- आपकी सोच औषधि फसलों की ओर चल रही है। यह बात अनुकरणीय है। वर्तमान मेें खेती को लाभ का धंधा के प्रयास चहुंओर किये जा रहे हैं औषधि फसल यदि कृषक अपनायेंगे तो लाभ के धंधे का प्रयास सफल हो सकता है। अश्वगंधा लगाने के प्रमुख बिन्दुओं पर निम्न विचार आपके तथा अन्य पाठकों के लिये

  •  बलुई दोमट भूमि इसके उत्पादन के लिये उपयुक्त है।
  •  4-5 किलो बीज/एकड़ पर्याप्त होता है।
  • लगाने का समय जुलाई-सितम्बर।
  • गोबर खाद डालने से अच्छे परिणाम मिलते हैं।
  •  बीज का उपचार डाईथेन एम 45 की 3 ग्राम मात्रा प्रति किलो के हिसाब से करें।
  • अंकुरण उपरांत बिरली करके 150-200 पौधे वर्ग मीटर रखें।
  • बीज की नर्सरी भी डाली जा सकती है। 2 किलो बीज/एकड़ पर्याप्त होगा 6 सप्ताह के पौधे मुख्य खेत में रोपें।
  • पौधों को 60&60 से.मी. पर लगायें।
  • 40 किलो यूरिया, 150 किलो सिंगल सुपर फास्फेट/हे. की दर से डालें।

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