समस्या- गन्ने के खेत में पायरिल्ला कीट फसल को प्रभावित करता है इसके नियंत्रण के उपाय बतायें।

www.krishakjagat.org

– लक्ष्मण राय, वनखेड़ी
समाधान – गन्ना एक नगदी फसल है और इसमें अनेकों कीट/रोग आते हंै परंतु पायरिल्ला गन्ने पर नुकसान पहुंचाता रहता है समय से निम्न जैविक उपाय करने से अच्छा लाभ मिल सकता है।

  • गन्ने के खेत में 5&5 फीट का एवं 4 इंच का गहरा गड्ढा बनायें एवं उसमें पालीथिन बिछा दें ताकि 1 से 2 इंच पानी भरा रहे। पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ आईल आधा लीटर भी डालें। अथवा 10-15 मि.ली. मेलाथियान डालें। लाईट ट्रेप लगायें जिसमें 200 वाट का बल्ब हो उसे गड्ढे में लटका दें। रात्रि में पाईरिल्ला एवं अन्य कीट प्रकाश के प्रपंच में आकर गड्ढे में गिरेंगे और खत्म हो जायेंगे।
  • लाईट ट्रेप रात्रि में 8 से 10 के बीच ही चालू रखें। क्योंकि इसके बाद कीटों की क्रियाशीलता कम हो जाती है।
  • एपिरिकेनिया परजीवी के 4-5 लाख अंडे या 5 हजार शंखियां/हेक्टर की दर से प्रकोपित फसल पर छोड़े ।
  • मेटाराईजियम एनीसोपलाई फफूंद से ग्रसित 250 पायरिल्ला व्यस्क/हे. छोड़ें अथवा इस फफूंद के 10 विषाणु प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
  • पायरिल्ला के अंडों का परजीवी टेट्रास्टिकस पायरिल्ला से ग्रसित अंडों के समूह युक्त पत्तों को काटकर खेत में जगह-जगह फैलायें ताकि अंडों की अवस्था में ही इस कीट पर विराम लग सके।
FacebooktwitterFacebooktwitter
www.krishakjagat.org
Share