समस्या – क्या जायद में ग्वार और लोबिया चारा के हिसाब से लगाया जा सकता है कृपया तकनीकी बतायें।

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– जुगल किशोर वर्मा, सिंगरौली
समाधान – आपका सवाल सामयिक है लोबिया ग्वार दोनों दलहनी फसलें हैं जिनको यदि चारे के लिये लगाया जाये तो दोहरा लाभ मिल सकता है ग्रीष्मकाल में हरा चारा तथा भूमि में नत्रजन का जमाव तथा सूखी पत्तियों और फसल अवशेष को खेत में मिलाने से खेत की भौतिक दशा में भी परिवर्तन होगा।

  • चारे के लिये लोबिया की एशियन ज्वाइंट, टाईप 2 तथा यू.पी.सी. 42 किस्में लगाना चाहिये तथा ग्वार की न. 2, न. 227 का बीज उपयुक्त होगा।
  • लोबिया का 40 किलो तथा ग्वार का 35 किलो बीज एक हेक्टर के लिये पर्याप्त होगा।
  • यूरिया 40 किलो, डाईअमोनियम फास्फेट 100 किलो पर्याप्त होगा।
  • जब फली बनने लगे तब कटाई शुरू की जाये।
  • चारे को अधिक उपयोगी बनाने के लिये एम.पी.चरी तथा मक्का भी साथ में मिलाकर लगायें।
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