श्वेत और नीली क्रांति समय की मांग: श्री सिंह

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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि देश में श्वेत और नीली क्रांति समय की मांग है। पशुधन देश और किसान दोनों के आर्थिक विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। देश में पिछले कई वर्षो में पहली बार दुग्ध उपलब्धता में 15 अंकों का उछाल आया है। जबकि दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि दजऱ् की गई है। पशुधन का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता में है।
श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि पशुधन और डेयरी विकास में पुरूषों के मुकाबले महिलाएं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। डेयरी से संबंधित कार्यो से न केवल कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही हैं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण का आधार भी बन रहा है। डेयरी, पशुपालन विकास के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने विभिन्न स्तरों पर कई कार्यक्रम और योजनाएं शुरू की हैं।
श्री राधा मोहन सिंह ने गत दिनों कृषि मंत्रालय में पशुपालन विभाग द्वारा प्रकाशित चार पुस्तकों नस्ल सर्वेक्षण-2013, मूलभूत पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन सांख्यिकीय -2015, डेयरी किसान मैन्युअल और बोवाइनों के लिए जैव सुरक्षा और जैव संरक्षा और मैन्युअल का विमोचन किया। गुणवत्ता पूर्ण प्रजनन सेवायें किसानों को उपलब्ध, हों, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग ने देश में पहली बार इन दस्तावेजों को तैयार करने में उल्लेखनीय प्रयास किया है। श्री सिंह ने कहा कि कृषि ‘फसल एवं पशुधनÓ के संबंध में पशुधन क्षेत्र के सकल मूल्य संवर्धन (जीवीए) की हिस्सेदारी स्थिर मूल्यों पर 2011-12 के 24.7 प्रतिशत से बढ़कर 2013-14 में 26.1 प्रतिशत हो गई है।
देश का कुल दुग्ध उत्पादन 6.27 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2013-14 के 132.69 मिलियन टन से बढ़कर 2014-15 में 146.31 मिलियन टन हो गया है।

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