शाजापुर के किसानों ने सीखी क्रषि की उन्नत तकनीक

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शाजापुर। म.प्र. किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की पी.पी. पार्टनर संस्था के.जे. एजुकेशन सोसायटी सहप्रवर्तित कृषक जगत भोपाल ने रबी 2014-15 में आत्मा योजनान्तर्गत शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया एवं कालापीपल विकासखंड के कृषकों का जिले के अंदर भ्रमण शाजापुर कृषि विज्ञान केन्द्र गिरवर फार्म के वरिष्ठ वैज्ञानिक कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राजीव उमठ, वैज्ञानिक डॉ. जी.आर. अम्वाबतिया, डॉ. एस.एस. धाकड़ इसी प्रकार जिले के बाहर अध्ययन में कृषि विज्ञान केन्द्र उज्जैन के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ए.के. दीक्षित ने कृषि की उन्नत तकनीकी को समझाते हुए जिले से संबंधित फसलों के बारे में विस्तार से बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में संतरे की फसल में आने वाली बीमारी के रोकथाम सोयाबीन फसल खरीफ मौसम की जिले की सबसे महत्वपूर्ण फसल है इसके बारे में किसानों को मिट्टी परीक्षण, रेज्डबेड पद्धति, कतार से कतार की दूरी, कीट नियंत्रण उन्नत बीज किस्म, विभिन्न प्रकार के खादों का निर्माण कैसे करें इसके बारे में विस्तार से बताया। फार्म में मशीनीकरण के यंत्रों में सबसे महत्वपूर्ण रेज्ड बेड पद्धति से सोयाबीन की खेती किस प्रकार की जाती है इसकी मशीन के बारे में कृषकों को रूबरू कराया गया। म.प्र. में जैविक खेती की महत्वता को ध्यान में रखते हुए वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप खाद, केंचुआ खाद, गोबर खाद बनाने की विधि भी बताई गई।
इसी प्रकार जिले के अंदर भ्रमण कार्यक्रम जिले में स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र गिरवर फार्म पर लगे औषधीय एवं उद्यानिकी फसलों के प्रदर्शनों के बारे में कृषकों को विस्तार से बताया गया। फार्म के टे्रनिंग हाल में प्रोजेक्टर के माध्यम से रेज्डबेड से सोयाबीन की खेती के बारे में बताया गया। अध्ययन/भ्रमण दल को उज्जैन स्थित तीर्थ महाकाल मंदिर में दर्शन कराया गया। जिले के अंदर भ्रमण एवं जिले के बाहर अध्ययन दल को जिले के उपसंचालक कृषि श्री बी.एस. जमरा एवं परियोजना संचालक आत्मा श्री आर.पी. एस. नायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सोसायटी की सभी गतिविधियों का संचालन जिला समन्वयक श्री श्रवण मीणा एवं चैनलाल चौरे ने किया।

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