रोजगार का श्रेष्ठ स्त्रोत बनेंगे कृषि मशीनरी कस्टम हायरिंग केन्द्र

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय में 5 दिवसीय प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण में अधिष्ठाता डॉ. आर.के. नेमा ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कहा कि कृषि मशीनरी कस्टम हायरिंग केन्द्र रोजगार और आय का श्रेष्ठ स्त्रोत बनेंगे, इनके माध्यम से आय के साथ-साथ कृषक और कृषि की सेवा का पुण्य लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
जनेकृविवि के कृषि यंत्र एवं शक्ति अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कृषि मशीनरी के निजी कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने हेतु उद्यमियों को प्रशिक्षण शिविर में कृषि उपकरणों, तकनीक और ट्रैक्टर आदि का सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मध्यप्रदेश के 24 जिलों से आये 40 उद्यमियों जिनमें महिलायें भी शामिल हैं उन्होंने उत्साहपूर्वक खेत में ट्रैक्टर चलाने का भी प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन के दौरान कहा कि प्रशिक्षण लेकर उद्यमी अपना व्यवसाय खोलकर कृषि उपकरण एवं यंत्र आदि को किसानों से किराये पर देकर निरन्तर आय प्राप्त कर सकते हैं।

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