मिर्च में थ्रिप्स, सफेद मक्खी, माहो का आक्रमण होता है, उपचार के उपाय बतायें।

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    •  समर सिंग, बरेठा

समाधान –

मिर्च के उपरोक्त सभी कीटों से उत्पादन में बहुत हानि होती है। थ्रिप्स के वयस्क पीले भूरे रंग के होते हैं शिशु भी पत्तों का रस चूसकर पत्ती का आकार नाव जैसा बना देते हेैं। सफेद मक्खी के वयस्क पत्तियों के निचली सतह पर दिखते हैं, रस चूसते हैं और सबसे बड़ी बात तो यह एक वाईरस का विस्तार भी करते हैं जिससे मिर्च का भयंकर रोग चुडरा-मुडरा बनता है। चेपा माहो छोटे-छोटे कीट पत्तियों पर आकर रस चूसते हैं। पौधों को प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों का बंटवारा करते हैं। सभी कीटों की रोकथाम के लिये निम्न उपाय करें।

  •  गर्मियों में खेत की गहरी जुताई तथा मेढ़ों की सफाई।
  •  पौधशाला अच्छी जगह डालें तथा वहां भी कीटों की रोकथाम करें।
  •  भूमि में कार्बाेफ्यूरान 3जी 8-10 ग्राम तथा थाईरम 4-5 ग्रा./वर्गमीटर क्षेत्र में डालकर उपचारित करें।
  • बीजोपचार 2 ग्राम थाईरम प्रति किलो बीज के हिसाब से करें।
  • पौधों को रोपाई के पूर्व इमिडाक्लोप्रिड 70 डब्ल्यू.एस. से 3 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में घोल बनाकर उपचारित करें।
  •  चुडरा-मुडरा के नियंत्रण हेतु 1 मि.ली. रोगर + 2 ग्राम सल्फेक्स/लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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