प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों की सभी समस्याओं का समाधान

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वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का प्रयास

मुख्य-बिन्दु

– मध्यप्रदेश कृषि का सिरमौर बन गया है।
– भारत के आर्थिक विकास में मध्यप्रदेश के कृषि क्षेत्र का बड़ा योगदान ।
– लगातार चार बार कृषि कर्मण पुरस्कार जीतना बड़ी बात है।
– नई फसल बीमा योजना से ज्यादा किसान जुड़ें।
– कृषि क्षेत्र में युवा स्टार्टअप योजना का लाभ लें।
– गन्ना उत्पादक कृषकों को राहत।
– देश में यूरिया की कमी नहीं।
– 2015 में यूरिया का सबसे ज्यादा उत्पादन हुआ।
– डॉ. अम्बेडकर जयंती से 550 मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा जायेगा।

 

(विशेष प्रतिनिधि)

भोपाल। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों की सारी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों और किसानों की मेहनत से वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का प्रयास किया जायेगा। श्री मोदी सीहोर जिले के ग्राम शेरपुर में किसान महासम्मेलन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का शुभारंभ कर रहे थे। श्री मोदी ने नई फसल बीमा योजना की मार्गदर्शी पुस्तिका का लोकार्पण भी किया।
प्रधानमंत्री ने प्रदेश भर से लाखों की संख्या में अभिनन्दन करने आये किसानों का आव्हान किया कि अधिक से अधिक नई फसल बीमा योजना से जुड़ें। देश के इतिहास में पहली बार किसानों की भलाई के लिये इतनी बड़ी योजना बनायी गई है।

मध्यप्रदेश की सराहना
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों ने अपने परिश्रम और सूझ-बूझ से प्रदेश सरकार से मिलकर कृषि क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। मध्यप्रदेश को कृषि में देश में सिरमौर बनाया गया है। लगातार चार वर्ष तक मध्यप्रदेश को कृषि कर्मण अवार्ड मिलना बड़ी बात है। देश के आर्थिक विकास में मध्यप्रदेश के कृषि जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। दो वर्ष तक वर्षा की स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी किसानों ने उत्पादन में कमी नहीं आने दी। विपरीत परिस्थितियों में यह उपलब्धि किसानों के दृढ़ता का परिणाम है।
श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों को देखते हुए नई फसल बीमा योजना का प्रदेश से शुभारंभ करने को उचित बताते हुए कहा कि पुरानी फसल बीमा योजना के बारे में किसानों के मन में कई आशंकाएँ थीं। इसलिये ऐसी फसल बीमा योजना बनायी गई है, जिसमें किसानों की सारी मुसीबतों का समाधान है। इसमें रबी के लिये डेढ़ प्रतिशत और खरीफ के लिये 2 प्रतिशत से ज्यादा प्रीमियम नहीं होगा। जबकि पुरानी फसल बीमा योजना में प्रीमियम 12 से 14 प्रतिशत था। नई फसल बीमा योजना में किसानों के भुगतान पर कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। साथ ही गाँव के एक भी किसान का नुकसान हुआ तो उसे फसल बीमा का लाभ मिलेगा। पुरानी फसल बीमा योजना में बीज बोने के बाद ही बीमा होता था। नई योजना में बारिश नहीं होने के कारण बोनी नहीं कर पाने पर भी किसानों को मदद दी जायेगी। खेत में कटी हुई फसल का नुकसान होने पर भी बीमा राशि दी जायेगी। पहले बीमा राशि स्वीकृत होने में काफी समय लगता था। अब 25 प्रतिशत राशि तत्काल दी जायेगी तथा बाकी राशि कम से कम समय में दी जायेगी। अब किसानों की फसल का एक तिहाई नुकसान होने पर भी मुआवजा दिया जायेगा। पहले 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर मुआवजा दिया जाता था। मुआवजा राशि को बढ़ाकर तीन गुना कर दिया गया है।

गन्ना उत्पादक किसानों की चिंता
केन्द्र सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों के हितों की चिंता की है। उन्हें गन्ना का बकाया भुगतान दिलाया गया है। केंद्र सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों के हित में निर्णय लिया है कि गन्ने से एथनाल बनाकर पेट्रोल में 10 प्रतिशत मिलाया जायेगा। यह पर्यावरण और किसानों के फायदे की दृष्टि से भी बेहतर होगा। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप इंडिया – स्टेंडअप इंडिया अभियान में पहल करने के लिये युवाओं से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के क्षेत्र में भी देश, दुनिया की आवश्यकता की पूर्ति कर सकता है।
श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में कम पानी के उपयोग से अधिक फसल पैदा करने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश की कृषि क्रांति का मूल कारण सिंचाई पर जोर देना है। उन्होंने कहा कि गाँव का पानी गाँव में – मंत्र को लेकर आगे बढ़ें। कम पानी से अधिक सिंचाई के लिये टपक सिंचाई को बढ़ावा दें। केन्द्र ने खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाई। जिससे किसानों को आसानी से खाद की उपलब्धता हुई। नीम कोटिंग यूरिया के उपयोग से कृषि भूमि को भी फायदा हुआ। उन्होंने आग्रह किया कि अधिक से अधिक किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवायें और जमीन में उपयुक्त फसल लगायें।

किसान मित्र प्रधानमंत्री
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री को किसान मित्र प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत का सम्मान और गौरव बढ़ाया है। श्री चौहान ने कहा कि पिछले दो साल में संकट के बावजूद किसानों ने हार नहीं मानी। किसानों को 4800 करोड़ की राहत राशि दी गयी है। केंद्र ने संकट में 2000 करोड़ देकर किसानों की मदद की। फसल बीमे की 4300 करोड़ की राशि किसानों के खाते में पहुँच रही है। किसानों को फसल नुकसान से ज्यादा राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ साढ़े सात लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी। अब 36 लाख हेक्टेयर में हो रही है। नर्मदा को सहायक नदियों से जोड़कर खेतों में पानी पहुँचाया जा रहा है। अगले दो साल में 60 लाख हेक्टेयर में सिंचाई करने का लक्ष्य है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि श्री मोदी ने सत्ता सम्हालते ही गरीबों का विकास और किसानों की समृद्धि का संकल्प लिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना के लाभ गिनाते हुए कहा कि इससे सभी विसंगतियाँ दूर हो गयी हैं। आजादी के बाद यह किसानों को मिला सबसे बड़ा उपहार है।
इस अवसर पर विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज, केन्द्रीय इस्पात एवं खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावरचन्द्र गेहलोत, प्रदेश के कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, राजस्व मंत्री श्री रामपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान बंधु, अन्य मंत्रीगण, कृषि अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय कृषि बाजार 14 अप्रैल से शुरू होगा
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आने वाले समय में डिजिटल इंडिया का फायदा किसानों को दिलवाने के लिये राष्ट्रीय कृषि बाजार का प्लेटफार्म विकसित किया जायेगा। इसमें देश की साढ़े पाँच सौ से अधिक मंडियों को नेटवर्क से जोड़ा जायेगा। राष्ट्रीय कृषि बाजार आगामी 14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती से शुरू किया जायेगा।

तीन किसानों को स्वाईल हेल्थ कॉर्ड
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसान महासम्मेलन में तीन किसानों को स्वाईल हेल्थ कॉर्ड एवं तीन किसानों को फसल बीमा दावा राशि का चेक सौंपा।
– नयापुरा इच्छावर जिला सीहोर की श्रीमती कमला बाई
– इटारसी जिला होशंगाबाद के श्री साबूलाल
– ग्राम सहेली इटारसी जिला होशंगाबाद के श्री बनारसी

तीन किसानों को बीमा दावा राशि
– ग्राम लश्करपुर जिला विदिशा के श्री आबिद खां
– ग्राम चिंगवाड़ा कला सिलवानी जिला रायसेन से श्री दिनेश
– ग्राम नादियाखेड़ा, रहटी जिला सीहोर के श्री रविशंकर

 

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