दलहन पर लगाया दांव

खरीफ फसलों के समर्थन मूल्यों की घोषणा
देश में दलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 200 रु. क्विंटल बोनस देगी। हालांकि समर्थन मूल्य कृषि एवं लागत मूल्य आयोग की सिफारिशों के मुताबिक केवल 75 रु. तक बढ़ाया गया है, पर 200 रु. बोनस मिलाकर यह किसानों के लिए आकर्षक हो सकता है। गत सप्ताह आर्थिक मामलों की केबिनट समिति की बैठक में कृषि एवं लागत मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों पर सरकार ने बोनस देने का फैसला अपनी ओर से लिया। यह अगले माह तक स्पष्ट हो जाएगा कि दलहन पर बोनस से दालों का रकबा और उत्पादन कितना बढ़ गया है। नए समर्थन मूल्य 1 अक्टूबर 2015 से होने वाली सरकारी खरीद के लिए प्रभावी होंगे।
केबिनेट ने दलहन और तिलहन की खरीद के लिए बेहतर व्यवस्था करने का भी फैसला किया। साल 2014-15 के खरीफ मौसम में मानसून की बारिश सामान्य से 12 फीसदी कम हुई थी। रबी फसलों को भी बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ था। इससे अनाज उत्पादन 5.3 फीसदी घट गया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सभी तरह की दालों की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली थी। इसके बाद सरकार दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। इस कड़ी में पिछले दिनों सरकार ने आयात में बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया था। समर्थन मूल्य बढ़ाना इसी दिशा में उठाया गया एक और कदम है। आने वाले दिनों में सरकार उत्पादन बढ़ाने के लिए और उपाय करेगी।

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