जलवायु के अनुरूप नए अनुसंधानों की जरूरत : श्री परशुराम

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म.प्र. में जलवायु परिवर्तन पर बैठक
जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश में बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के अनुसार कृषि के विकास, उत्पादन और अनुसंधान पर मंथन करने सामयिक एवं महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। श्री आर. परशुराम म.प्र. मुख्य चुनाव आयुक्त व पूर्व मुख्य सचिव ने कहा आज हमें ऐसे अनुसंधान की आवश्यकता है जिससे जलवायु परिवर्तन की स्थिति में भी निरन्तर कृषि का विकास हो, इसके लिये लघु एवं मध्यकालीन लक्ष्य एवं उद्देश्य की भावी रूपरेखा निर्धारित की जायेगी। बैठक में प्रो. विजय सिंह तोमर कुलपति जनेकृविवि ने बताया कि निरन्तर हो रहे जलवायु परिवर्तन से फसलों की उपज ज्यादा प्रभावित हो रही है जिससे कृषि उत्पादन गड़बड़ा रहा है साथ ही फसलोत्पादन में रसायनिक आदानों के अधिक उपयोग से मृदा एवं मनुष्यों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है वहीं वातावरण की गुणवत्ता भी कम हो रही है। परिणामत: प्रदेश के सीमान्त तथा लघु किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अत: जलवायु परिवर्तन के कुप्रभावों से बचने हेतु अनुसंधान के माध्यम से स्मार्ट एग्रीकल्चर टेकनीक इजाद कर अपनानी होगी। इस मौके पर सर्वश्री पी.सी. मीना कृषि उत्पादन आयुक्त, डॉं. राजेश राजौरा प्रमुख सचिव कृषि, डॉं. अशोक वर्णवाल प्रमुख सचिव खाद्य एवं उद्यानिकी, श्री अनुराग श्रीवास्तव अतिरिक्त प्रमुख वन संरक्षक, श्री एम.एस. धाकड़ संचालक उद्यानिकी, श्री अरूण कुमार पांडे एम.डी. मंडी बोर्ड, डॉं. आर.के. गुप्ता एम.डी. सीड, डॉं. राजीव चौधरी संचालक कृषि अभियांत्रिकी, डॉं. राज गुप्ता संचालक बीसा, श्री के.जी. व्यास जल स्त्रोत विशेषज्ञ आदि के साथ ही राविसिंकृविवि ग्वालियर एवं जनेकृविवि के संचालकगण डॉं. एस.के. राव, डॉं. पी.के. मिश्रा, डॉं. जी.एस. राजपूत, डॉं. डी.के. मिश्रा, अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्ष वैज्ञानिकगण एवं विषय वस्तु विशेषज्ञों ने मध्यप्रदेश में कृषि के सर्वांगीण विकास एवं उत्तरोत्तर उन्नति हेतु महत्वपूर्ण सुझाव और कार्ययोजना पेश की। संचालन व आभार प्रदर्शन संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉं. एस.के. राव ने किया। बैठक के उपरान्त अधिकारियों ने जनेकृविवि के विभिन्न अनुसंधान केन्द्र और प्रक्षेत्रों का भ्रमण कर जानकारी ली।

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