खाद्य प्रसंस्करण विकास के लिए सरकार संकल्पित : श्री बिसेन

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ग्लोबल इनवेस्टर समिट में उद्यानिकी का विशेष सत्र

इन्दौर। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने ग्लोबल इनवेस्टर समिट में उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के विकास के लिए मध्यप्रदेश शासन दृढ़ संकल्पित है। इसके लिए वर्ष 2005 में एक अलग उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का गठन किया गया है। मंडी बोर्ड के सहयोग से होशंगाबाद जिले में एक मल्टी लॉजिस्टिक हब तैयार किया गया है तथा इस अधोसंरचना में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए स्थान उपलब्ध है।
श्री बिसेन ने कहा कि सोयाबीन में प्रोटीन का स्तर अधिक है अत: सोयाबीन पर आधारित मूल्य संवर्धित उत्पाद सोया प्रोटीन, सोसा बड़ी, सोया मिल्क, पनीर, दही आदि पर आधारित इकाइयों की स्थापना प्रदेश के सभी जिलों में संभावित है। उन्होंने कहा कि आलू प्रदेश में प्रसंस्करण योग्य आलू का उत्पादन लिया जाता है। उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार) श्री सूर्यप्रकाश मीणा ने कहा कि उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी फसलें 14.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ली जा रही है तथा फल-फूल, सब्जी, मसालों तथा औषधीय एवं सुगंधित फसलों का उत्पादन 247 लाख मीट्रिक टन है।
श्री मीणा ने कहा कि भारत में खाद्य प्रसंस्करण एक विशाल उद्योग के रूप में विकसित हो चुका है। इस उद्योग में विदेशी निवेश लगभग 10 हजार करोड़ का है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए 6 फूड पार्कों की स्थापना की गई है।
उद्यानिकी के विशेष सत्र में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव उद्यानिकी श्री अशोक वर्णवाल, लघु कृषक कृषि व्यापार परिसंघ के प्रबंध संचालक श्री प्रवेश शर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन आयुक्त उद्यानिकी श्री सत्यानंद ने किया।

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