कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करें

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिये कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन करें। हर जिले में युवा किसानों में से खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में युवा उद्यमी तैयार करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान भारतीय किसान संघ की युवा किसान उद्यमी कार्यशाला के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कार्यशाला, किसान संघ की रचनात्मक पहल है। मध्यप्रदेश में पिछले चार साल से कृषि विकास दर 20 प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश का कृषि उत्पादन बढ़ा है। अब किसानों की आय दोगुनी करने के लिये रोडमेप बनाया गया है। कृषि आधारित लघु और कुटीर उद्योगों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन किये जा सकते हैं। कृषि के साथ जैविक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन-मत्स्य, पालन की गतिविधियों को जोडऩा होगा। कृषि उत्पादों के बहुआयामी उपयोग हो सकते हैं। कृषि उत्पादों के विपणन की बेहतर व्यवस्था की जायेगी ताकि किसानों को अपने उत्पाद का वाजिब मूल्य मिल सके।
कार्यशाला में भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि रोजगारयुक्त गाँव से ही स्वस्थ जीवन की नींव रखी जा सकती है। गाँवों में रोजगार सृजन करने के लिये किसानों को प्र-संस्करण उद्योग में संरक्षण देना होगा। स्वावलंबी गाँव सम्पन्न हो सकते हैं। क्षेत्रीय महामंत्री श्री शिवकांत दीक्षित ने कहा कि कृषि की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा होना चाहिये। जैविक खेती को किसानों के अनुरूप बनाना चाहिये।
कार्यशाला में भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री प्रभाकर केलकर, प्रदेश महामंत्री श्री राजेन्द्र पालीवाल, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह और प्रदेश भर से आये युवा किसान उपस्थित थे।

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