किसान भाई रबी मौसम में अपनी फसलों का बीमा करवाकर जोखिम से बचें

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सागर। कृषि विभाग द्वारा किसान भाईयों से अपील की जा रही है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपनी रबी मौसम की फसलों का अतिशीघ्र 10 जनवरी 2017 के पूर्व फसल बीमा करवाना सुनिश्चित करें। जिससे फसलों में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई होकर जोखिम से बचा जा सके। जिले के सभी किसान भाई प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं। यह योजना शासन द्वारा किसानों के हित में खेती किसानी उद्यम को समुचित आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। फसल बीमा योजना की भुगतान की जाने वाली प्रीमियम राशि की अब तक की सबसे कम दर किसानों की सुविधा के लिये रखी गई है।
किन परिस्थितियों में

  •  इस योजना मे ओला, पाला, तूफान, बाढ़, जल प्लावन, सूखा, कीट एवं रोग, प्राकृतिक आग आदि नुकसानी को शामिल किया गया है।
  • कीट-व्याधि से फसल नुकसानी पर भी योजना में लाभ प्राप्त होगा। द्य इस योजना में फसल बोने/रोपने के पश्चात मौसम की विपरीत परिस्थितियों के कारण फसल को नुकसान होने पर किसान को बीमित राशि के 25 प्रतिशत का भुगतान तत्काल किये जाने की व्यवस्था की गई है और शेष नुकसान स्थिति के आकलन के बाद दिया जायेगा। द्य इस योजना में आने वाले खर्च का वहन केन्द्र और राज्य दोनों के द्वारा किया जायेगा। द्य योजना में वे सभी किसान लाभान्वित हो सकेंगे जिनके पास स्वयं की खेती है या बटाई पर खेती की गई हो। द्य योजनान्तर्गत सभी प्रकार की फसलों (रबी, खरीफ, वाणिज्यिक और बागवानी फसलें) को शामिल किया गया है।
  • पहली बार फसल बीमा में, जल भराव को स्थानीय जोखिम में एवं फसल कटाई के बाद चक्रवात एवं बेमौसम बारिश का जोखिम भी शामिल किया गया है। द्य ऋणी कृषकों को फसल ऋण प्राप्त करते समय बैंक द्वारा स्वत: फसल बीमा करवाया जा सकेगा।
  • योजना के तहत प्रीमियम दर : रबी मौसम में अनाज, तिलहन एवं दलहन फसलों हेतु बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत या वास्तविक दर जो भी कम हो फसल बीमा योजना में प्रीमियम राशि देय होगी।
  • फसल बीमा हेतु कृषक श्रेणी : ऋणी एवं अऋणी किसानों का फसल बीमा समान होगा। ऋणमान का निर्धारण स्केल ऑफ फाइनेन्स के आधार पर होगा। कृपया किसान बंधु अपनी फसलों का बीमित राशि का बीमा करवाना सुनिश्चित करें। द्य ऋणी कृषक : ऋणी कृषकों को फसल ऋण प्राप्त करते समय बैंक द्वारा स्वत: फसल बीमा करवाया जा सकेगा।
  • अऋणी कृषक: जो कृषक किसी भी कारण से फसल ऋण नहीं ले रहे हों वे कृषक अपनी फसल का बीमां उनके क्षेत्र की राष्ट्रीयकृत/सहकारी /ग्रामीण बैंक शाखा से सम्पर्क कर आवश्यक प्रीमियम भुगतान उपरांत फसल बीमा करवा सकते हैं।
  • फसल बीमा के सम्बन्ध में अधिक जानकारी प्राप्त करने अथवा समस्या समाधान हेतु निकटवर्ती बैंक शाखा, प्राथमिक सहकारी साख समिति, कृषि, उद्यानिकी विभाग के मैदानी अमले तथा विकासखण्ड स्तरीय शासकीय सेवकों से सम्पर्क कर सकते हैं।
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