किसानों को मिट्टी परीक्षण के लिए प्रोत्साहित करें : श्री मोहनलाल

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भोपाल। प्रदेश में स्वाईल हेल्थ कार्ड योजना के तेजी से क्रियान्वयन के लिए किसानों को मिट्टी परीक्षण के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। किसानों में जब जानकारी के साथ-साथ रुचि पैदा होगी तो वह स्वयं आगे आकर अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण कराएंगें।
यह विचार संचालक कृषि श्री मोहनलाल ने स्वाईल हेल्थ कॉर्ड योजना पर केन्द्रित एक दिवसीय कार्यशाला में व्यक्त किए। कार्यशाला का आयोजन कृषि विभाग ने भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान नवीबाग भोपाल में किया था। संचालक कृषि ने कहा कि कार्यशाला के अनुभव के आधार पर अधिकारी फील्ड में योजना का क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो इस तरह की कार्यशाला दुबारा भी आयोजित की जाएगी।
भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. ए.के. पात्रा ने कहा कि प्रदेश में स्वाईल हेल्थ कार्ड योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संस्थान द्वारा प्रयास किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक वर्तमान में राज्य में 50 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं तथा लगभग 265 प्रयोगशालाएं ब्लाक स्तर तक स्थापित की जा रही हैं।
अब तक 3 लाख मिट्टी के नमूने लिए गए हैं तथा इस वर्ष 2015-16 में अब तक सवा लाख स्वाईल हेल्थ कॉर्ड वितरित किए गये हैं।
कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने नमूने लेने के लिए ग्रिड बनाने की प्रकिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ढाई हेक्टेयर का सिंचित और 10 हेक्टेयर का असिंचित ग्रिड बनाकर नमूना कैसे लिया जाता है इसके साथ ही टेस्टिंग करने की विधि एवं न्यूट्रिएन्टस की जानकारी दी गई। इस अवसर पर अपर संचालक कृषि श्री बीएम सहारे, मंडी बोर्ड के अपर संचालक डॉ. एचडी वर्मा,, मृदा विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक श्री प्रदीप डे, समस्त संयुक्त संचालक, जिला नोडल अधिकारी, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी एवं मिट्टी परीक्षण अधिकारी उपस्थित थे।

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