आत्मा एक प्रयास

खंडवा स्थित पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में 3 दिवसीय कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग एवं के.जे. एजुकेशन सोसायटी द्वारा किया गया। शुभारंभ अवसर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजपाल सिंह तोमर मन्धता विधायकद्वय श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर, श्री देवेन्द्र वर्मा, कलेक्टर श्री नीरज दुबे जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री कैलाश पाटीदार, मंडी अध्यक्ष श्री आनंद मोहे, कृषि समिति अध्यक्ष श्री गोविंद वर्मा, जनपद अध्यक्ष श्री राजपाल सिंह चौहान उपस्थित थे।
मेले में खरीफ फसलों के अधिक उत्पादन लेने के विभिन्न वैज्ञानिक तरीकों को विशेषज्ञों ने कृषकों को बताया। खरीफ फसलों की तैयारी में लगे कृषकों को इस समय जानकारी देकर उत्पादन बढ़ाना उद्देश्य मानकर कृषि मेले की उपयोगिता सार्थक हुई। एक ही स्थान पर कीटनाशक, उर्वरक, कृषि यंत्र शासन की योजना के स्टॉल पर संबंधित प्रतिनिधियों ने कृषकों की समस्याओं का निदान किया एवं अन्य सुविधाओं से अवगत कराया। शुभारंभ अवसर पर उपसंचालक कृषि श्री ओ.पी. चौरे, आत्मा परियोजना संचालक आत्मा श्री एस.एस. राजपूत, के.जे.एजुकेशन सोसायटी के श्री सचिन बोन्द्रिया ने अतिथियों को कृषि मेले में दी जाने वाली तकनीकों को बताया। प्रथम दिवस तकनीकी सत्र में डॉ. सतीश परसाई, डॉ. डी.के. वाणी, एन.के. तिवारी, वाय के. शुक्ला ने वैज्ञानिक तरीके से खेती की जानकारी दी।

कृषक संगोष्ठी

मेले के दूसरे दिन तकनीकी सत्र में डॉ. नरेन्द्र तांबे ने निमाड़ी भाषा में रोचक तरीके से कृषि उत्पादन बढ़ाने की जानकारी दी। डॉ. तांबे ने मिट्टी सुधार, रिज एंड फरो से सोयाबीन फसल उत्पादन, राख की उपयोगिता, बेड पद्धति, तुअर (अरहर) फसल लेने से मिट्टी में पोषक तत्वों की पूर्ति उन्होंने सभी कृषको की दलहनी फसल लगाने के लाभ भी बताये विशेषकर कपास फसल के साथ, मेड़ पर अरहर लगाने से अतिरिक्त आय अर्जित करने के सुझाव भी दिये। खेती में नीम तेल का उपयोग, गौमूत्र ट्राइकोडर्मा से बीज उपचार एवं कीट की पहचान से लेकर उनके नियंत्रण तक की विस्तार से जानकारी दी। अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री आर.के. सोनी ने विभाग की योजना से कृषकों को अवगत कराया।
खरगौन कृषि विभाग के विशेषज्ञ श्री पी.एस. बार्चे ने जीरो बजट खेती खंडवा जिले के प्रगतिशील कृषक श्री अभय सिंह पवार ने अपने ढकोची ग्राम स्थित वर्मी कम्पोस्ट विधि पर किये जा रहे निर्माण की विधि एवं उसमें लाभ कमाने की जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. रूपेश जैन ने पशुओं की प्रजाति, पालने एवं आहार बीमारियों की विस्तार से जानकारी दी। तीसरे दिन सत्र के प्रथम वक्ता जैन इरिगेशन के एग्रोनामिस्ट श्री मुरली अय्यर ने ड्रिप प्रणाली से फसल उत्पादन के फायदे बताये। धार जिले के प्रगतिशील कृषक श्री राम पाटीदार ने आधुनिक तरीके से खेती को व्यवसाय की तरह कैसे करने की जानकारी दी। संरक्षित खेती करने के उपाय जिले के प्रगतिशील कृषक श्री अनिमेश शर्मा द्वारा बताये गये एवं मल्चिंग पद्धति से सब्जी उत्पादन ड्रिप शेडनेट आदि का उपयोग कैसे करें एवं कृषकों की समस्या का निदान श्री शर्मा द्वारा किया गया।
मेले में प्रगतिशील कृषकों के अनुभव उपस्थित कृषकों के लिये महत्वपूर्ण रहे। ऐसे ही कृषक श्री विपिन बर्बे ने पाली हाऊस में सब्जी उत्पादन कर आर्थिक सम्पन्नता मिलने की कृषकों को जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ डॉ. वी.के. पाटीदार ने सोयाबीन उत्पादन अधिक प्राप्त करने की वैज्ञानिकी तकनीक कृषकों को बताई। डॉ. कुरील ने उद्यानिकी फसलों की निमाड़ क्षेत्र में उपयुक्त प्रजातियों एवं लगाने से लेकर तुड़ाई तक विस्तार से बताया। कृषि अधिकारी श्री संतोष पाटीदार ने रेशम उत्पादन के लिये शहतूत की खेती कैसे करे से अवगत कराया। जैविक खेती विशेषज्ञ श्री विजेन्द्र शास्त्री ने जैविक कीट नियंत्रण गौमूत्र से कैसे करें। कृषि शिक्षित कृषक श्री कृष्ण पाल सिंह मौर्य ने मिर्ची फसल की रोपणी से लेकर उसकी प्रबंध तकनीक पर विस्तार से जानकारी दी। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.पी. शास्त्री ने कृषकों को आधुनिकता के साथ-साथ पारम्परिक खेती करने की समझाईश दी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों मेंश्रीमती साधना उपाध्याय एवं उनकी टीम द्वारा दी गई प्रस्तुति ने कृषकों का मनमोह लिया। मेले के समापन अवसर पर मान्धता क्षेत्र के विधायक श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर, खंडवा विधायक श्री देवेन्द्र वर्मा, जिला पंचायत सदस्य व कृषि स्थाई समिति अध्यक्ष श्री गोविन्द वर्मा उपस्थित थे। इस अवसर पर उपसंचा. श्री ओ.पी. चौरे, परियोजना संचालक (आत्मा) श्री एस.एस. राजपूत के.जे. एजुकेशन सोसायटी के श्री सचिन बोन्द्रिया, सहायक संचालक आत्मा श्री सचिन जैन, श्री आर.एस. चौहान अनुविभागीय अधिकारी श्री जयपाल पटेल भी उपस्थित थे। समापन कार्यक्रम का संचालन श्री सुमेर सिंह सोलंकी ने किया। एवं आभार परियोजना संचालक आत्मा श्री एस.एस.राजपूत ने व्यक्त किया।

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