प्रदेश में रबी बोनी की गति धीमी

अब तक 23 लाख हेक्टेयर में हुई बुवाई

(विशेष प्रतिनिधि)

भोपाल। प्रदेश में रबी फसलों की बुवाई प्रारंभ हो गई है, परन्तु इस वर्ष बोनी की गति धीमी है। गत वर्ष की तुलना में अब तक 5 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बोनी हुई है। अब तक 23.40 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 28.95 लाख हेक्टेयर में बोनी हो गई थी। राज्य में चने की बोनी ने रफ्तार पकड़ ली है जबकि गेहूं की बुवाई सामान्य गति से चल रही है।

प्रदेश में रबी फसलों का सामान्य क्षेत्र 107 लाख 74 हजार हेक्टेयर है। गत वर्ष 115.20 लाख हे. में बोनी की गई थी जबकि इस वर्ष 125.20 लाख हेक्टेयर में रबी फसलें ली जाएंगी। कृषि विभाग के मुताबिक अब तक 23.40 लाख हेक्टेयर में बोनी कर ली गई है। इसमें राज्य की प्रमुख रबी फसल गेहूं की बोनी 5.87 लाख हेक्टेयर में हुई है। दूसरी प्रमुख फसल चने की बोनी अब तक 10 लाख हेक्टेयर में, मटर 67 हजार हेक्टेयर में, मसूर 1.45 लाख हेक्टेयर में बोई गई है।

हरे चने की चादर

दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से म.प्र. में रबी की प्रमुख फसल चने की बोनी इस वर्ष 36.50 लाख हेक्टेयर में करने का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष 35.90 लाख हेक्टेयर में चने की बोनी की गई थी और उत्पादन 53 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया था। केन्द्र सरकार ने समर्थन मूल्य में भी 220 रुपए की वृद्धि कर चने का एमएसपी 4620 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। इसी के मद्देनजर धार जिले के कलसाड़ा बुजुर्ग ग्राम के 28 वर्षीय प्रगतिशील कृषक श्री नीलेश रघुवंशी ने 5 एकड़ में चने की डबल डालर किस्म की बोनी अक्टूबर मध्य में की है। फसल लगभग 20 दिन की हो गई है। उन्होंने एक बार सिंचाई भी की है। गत वर्ष श्री रघुवंशी ने डेढ़ एकड़ में इसी किस्म का 16 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया था। उन्हें इस वर्ष भी अच्छा उत्पादन मिलने की उम्मीद है।

राज्य की प्रमुख तिलहनी फसल सरसों की बोनी 4.40 लाख हे. में हुई है जबकि इस वर्ष 8 लाख हेक्टेयर लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में अब तक कुल खाद्यान्न फसलें 6.20 लाख हेक्टेयर में, दलहनी फसलें 12.27 लाख हेक्टेयर में एवं तिलहनी फसलें 5.53 लाख हेक्टेयर में बोई गई हैं।

मध्य प्रदेश में रबी की बुवाई स्थिति
1 नवम्बर 2018 (लाख हे. में)
फसल लक्ष्य बुवाई
गेहूं 65.4 5.87
चना 36.5 10
मटर 5 0.67
मसूर 6 1.45
सरसों 8 4.4
गन्ना 1.05 0.04

जानकारी के मुताबिक इस वर्ष प्रदेश में सभी फसलों के रकबे में वृद्धि की गई है अब पूरे क्षेत्र में बुवाई होती है या नहीं यह समय बताएगा, क्योंकि कम वर्षा अड़चन पैदा कर सकती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि उपलब्ध नमी का उपयोग करने की दृष्टि से किसान गेहूं की भी जल्दी बोनी कर रहे हैं। अभी तापमान में भी ज्यादा गिरावट नहीं आयी है इसे देखते हुए वर्षा की कमी खलेगी। सिंचित क्षेत्रों में स्थिति बेहतर रहने की संभावना है। जिन क्षेत्रों में बोनी हो गई है वहां अब पानी की दरकार है।

कृषि विभाग के मुताबिक सभी संभागों में रबी की बोनी औसतन 15 फीसदी कर ली गई है। चालू माह में इसके गति पकडऩे की संभावना है। अब तक उज्जैन संभाग में सबसे अधिक बुवाई होने की खबर है और ग्वालियर संभाग में सबसे कम बोनी हुई है।
 

 

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