धान कटाई की उन्नत मशीनें

ब्रशकटर 
इस मशीन का उपयोग छोटे झाडिय़ों को काटने के लिए किया जाता है। लेकिन अब कुछ बदलावों के साथ यह फसल काटने के लिए भी उपयोग किया जाता है। इस मशीन में एक छोर पर एक इंजन होता है जबकि दूसरे छोर में एक काटछांट- करने वाला ब्लेड (ट्रिमर) लगा होता है। इंजन से ट्रिमर तक शक्ति धातु की शॉफ्ट की मदद से पहुँचती है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 0.03 -0.07 एकड़ प्रति घंटा है।

वर्टीकल कन्वेयर रीपर 
इस मशीन का उपयोग फसल को काटने के लिए किया जाता है और कटी हुई फसल मशीन के बायीं ओर पंक्ति से गिर जाती है। इसकी मुख्य इकाइयां हैं -फसल विभाजक इकाई, फसल काटने वाली इकाई, कटी हुई फसल मशीन के बायीं ओर पहुंचाने वाली इकाई, शक्ति संचरण इकाई और शक्ति स्रोत इकाई।

स्वचालित वर्टीकल कन्वेयर रीपर
मशीन के उपयोग के दौरान प्रचालक मशीन के पीछे हैंडल पकड़ कर चलता है और हैंडल में लगी विभिन्न व्यवस्था से मशीन को कंट्रोल करता है। इस मशीन का अपना इंजन होता है। आम तौर पर इस मशीन का उपयोग केवल कटाई के लिए किया जाता है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 0.5-1 एकड़ प्रति घंटा है।

 

पावर टिलर संचालित वर्टीकल कन्वेयर रीपर
इस मशीन में भी उपयोग के दौरान प्रचालक मशीन के पीछे हैंडल पकड़ कर चलता है इस मशीन में पावर टिलर को शक्ति स्रोत के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसमें इसके ऑपरेटर के लिए सीट का भी प्रावधान हैं। यह पावर टिलर के कई अटैचमेंट में से एक है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 0.35-0.5 एकड़ प्रति घंटा है।

ट्रैक्टर संचालित वर्टीकल कन्वेयर रीपर
यह मशीन ट्रैक्टर के अग्रभाग में माउंट किया जाता है। यह ट्रैक्टर पीटीओ द्वारा संचालित होता है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 0.75 -1 एकड़ प्रति घंटा है।

रीपर बाइंडर
यह मशीन खड़ी फसल को काटती है और इसे छोटे-छोटे बंडलों में बांधती भी है। यह मशीन वर्टीकल कन्वेयर रीपर की तरह ही है लेकिन इसके अतिरिक्त इसमें एक कटी हुई फसल बांधने वाली इकाई लगी होती है।

चावल के उत्पादन में भारत का दुनिया में दूसरा स्थान है। धान की फसल के उत्पादन में काफी श्रम की आवश्यकता होती है, जिसमें फसल की कटाई में कुल श्रम का 20-30 प्रतिशत हिस्सा है। अनाज की कटाई के लिए कुल श्रम की आवश्यकता 80-160 मानव-घंटा/ हेक्टेयर होती है। पारंपरिक तौर से दरांती (हँसिया) से धान की कटाई में काफी समय लगता है और इसकी कटाई क्षमता लगभग 0.02 एकड़ प्रति घंटा है। फसल की कटाई के समय श्रमिकों की उपलब्धता की कमी होती है। कटाई की उपयुक्त प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके कटाई के कार्य को समय पर पूर्ण किया जा सकता है और लाभ कमाया जा सकता है। उपरोक्त लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, धान कटाई की विभिन्न उन्नत मशीनों का देश में निर्माण हो रहा है, जिनकी जानकारी सभी किसानों तक पहुँचने के लिए यह लेख प्रस्तुत है।

वर्टीकल कन्वेयर रीपर बाइंडर 
यह मशीन वर्टीकल कन्वेयर रीपर ही है जिसमे एक अतिरिक्त इकाई जो कटी हुई फसल को बांधती है लगी होती है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 0.25-0.5 एकड़ प्रति घंटा है।

 

स्वचालित रीपर बाइंडर 
इस मशीन में कटी हुई फसल को बांधने वाली इकाई तक पहुँचने के लिए उंगली की तरह की यंत्र रचना होती है। इस मशीन का अपना इंजन होता है। यह मशीन स्प्रेइंग के लिए भी प्रयोग की जाती है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 0.6-1 एकड़ प्रति घंटा है। प्रचालक की सीट से मशीन को संचालित करता है।

ट्रैक्टर संचालित रीपर बाइंडर
यह मशीन ट्रैक्टर के पीछे माउंट होती है और ट्रैक्टर के बाईं तरफ फसल काटकर बण्डल बनाकर ट्रैक्टर के पीछे छोड़ती जाती है। और यह ट्रैक्टर पीटीओ द्वारा संचालित होता है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 1 एकड़ प्रति घंटा है।

 

कंबाइन हार्वेस्टर
कंबाइन हार्वेस्टर एक बड़ी मशीन है ये एक ही समय में फसल की कटाई, थ्रेसिंग एवं अनाज की सफाई भी करती है। इसकी मुख्य इकाइयां हैं -फसल एकत्रित करने वाली इकाई, फसल काटने वाली इकाई, कटी फसल थ्रेसिंग इकाई तक पहुंचाने वाली इकाई, थ्रेसिंग इकाई, पृथक्करण इकाई, सफाई इकाई और शक्ति संचरण इकाई है।

कंबाइन हार्वेस्टर (पारंपरिक)
इस कंबाइन हार्वेस्टर में वायवीय (न्यूमेटिक) टायर का उपयोग किया जाता है। यह खेत में गिरी हुई फसल को भी काट सकता है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 1-2 एकड़ प्रति घंटा है।

कंबाइन हार्वेस्टर (ट्रैक प्रकार)
यह परंपरागत कंबाइन हार्वेस्टर के समान है लेकिन इसमें वायवीय (न्यूमेटिक) टायर के स्थान पर ट्रैक का उपयोग होता है। ट्रैक के उपयोग के कारण यह मशीन गीले खेत में भी अच्छी तरह से काम करती है। यह खेत में गिरी हुई फसल को भी काट सकता है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 1-2 एकड़ प्रति घंटा है।

 

हाफ फीड कंबाइन हार्वेस्टर (टाइप -1)
इस हारवेस्टर में केवल पौधों की बालिया मशीन के अंदर जाती हैं और उसकी थ्रेसिंग, पृथक्करण एवं सफाई होती है। जबकि कटरबार शेष फसल को काटता है, और उसको मशीन दूसरी तरफ गिरा देती है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 0.5 एकड़ प्रति घंटा है।

हाफ फीड कंबाइन हार्वेस्टर (टाइप -2)
इस हार्वेस्टर में फसल कटकर मशीन के अंदर जाती हैं और मशीन में बालिया को पौधो से पृथक कर लिये जाते है जहा बालिया की थ्रेसिंग, पृथक्करण एवं सफाई होती है। पौधे का शेष हिस्सा मशीन द्वारा छोटे-छोटे बंडलों में बांधकर मशीन के पीछे फेंक दिया जाता है। यह खेत में गिरी फसल को भी काट सकता है। इसकी कटाई क्षमता लगभग 1 एकड़ प्रति घंटा है। 
किसान धान की फसल की कटाई बाजार में उपलब्ध धान कटाई मशीनों से समय पर कर सकता है, और कटाई के समय श्रमिकों की कमी की समस्या एवं देर से कटाई होने वाले नुकसान से भी बच सकता है, और इस तरह वह अपने फसल से होने वाले लाभ को अधिक कर सकता है।

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