बकरी पालन एक लाभदायक व्यवसाय

बकरी पालन के लाभ:

  • बकरी पालन कम खर्च और कम जगह में भी शुरू किया जा सकता है, इसमें बहुत ज्यादा लागत नहीं आती है इस कारण यह साधारण रख-रखाव के चलते एक निश्चित लाभकारी है, इसमें नुकसान की स्थिति भी बहुत कम होती है।
  • अपने छोटे आकार और शांत स्वभाव के कारण बकरी को घर में महिलाओं से लेकर किशोर अच्छी तरह से देखभाल कर सकते हैं। अर्थात् इसमें पूरे परिवार की श्रमशक्ति का अच्छा उपयोग भी होता है, और एक गाय के खर्च में 4 से 5 बकरियां आसानी से पाली जा सकती है। इस कारण बकरी को गरीब की गाय भी कहा जाता है।
  • बकरी को मुख्यत: मांस के उपयोग के लिए पाला जाता है। हमारे देश से लेकर विदेशों तक इसकी मांग बहुत अधिक है जो कि लगातार और भी बढ़ रही है। हमारा देश बकरी के मांस के निर्यात में प्रमुख स्थान रखता है। इसका मांस स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है।
  • बकरी के दूध का भी अच्छा महत्व है, बकरी की कुछ नस्लें दूध उत्पादन के लिए भी पाली जाती है। इसमें बिटल, जमुनापारी, ब्लैक बंगाल और बरबरी प्रमुख हैं। दुध के पोषक युक्त होने की वजह से यह छोटे बच्चों एवं वयस्कों के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है।
  • बकरी के चमड़े से बहुत सी चीजें बनती हैं, जिन्हें हम रोजमर्रा की जिन्दगी में इस्तेमाल करते हैं जैसे जूते, दस्ताने, पर्स, बैग आदि। इसके अलावा चमड़े का निर्यात भी बड़े पैमाने पर होता है।
  • बकरी के बाल से कम्बल, रस्सी आदि बनाये जाते है, मरीनो नस्ल की बकरी से प्राप्त पश्मीना ऊन से ऊनी कपड़े तैयार किये जाते हैं जो कि अच्छे दामों पर विदेशों में निर्यात होते हैं।
  • बकरी का मल-मूत्र में नाइर्टेजन, पोटाश और फॉस्फोरस मौजूद होते है जो कि जमीन की उर्वरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं अत: इसे अच्छे खाद के तौर पर उपयोग किया जा सकता है।
  • बकरी की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है और इनके दाने पानी की के लिए भी बहुत विशेष इन्तजाम नहीं करने पड़ते हैं और बकरियां किसी भी तरह के परिवेश में दूसरे जानवरों की तुलना में अच्छे तरीके से ढल जाती है।
  • आज एक साधारण स्तर से लेकर बड़े पैमाने पर शासन द्वारा बकरी पालन हेतु विभिन्न योजनायें चलाई जा रही हैं।
    इस तरह, इन सभी लाभकारी गुणों के कारण बकरी पालन एक लाभकारी उद्योग साबित हो सकता है जो कि किसानों की गरीबी एवं उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारत एक कृषि प्रधान देश है। जिसमें अधिकतर लोग किसान है जिनकी आजीविका कृषि पर निर्भर करती है। जैसा कि हम जानते हैं कि आज के समय में जलवायु परिर्वतन की वजह से कृषि उतना लाभदायक व्यवसाय नहीं रहा, अत: किसान अगर कृषि को एक लाभदायक व्यवसाय बनाना चाहते हैं तो इसके साथ कई सहायक व्यवसाय जैसे पशुपालन (गाय, भैंस), बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, कुक्कुट पालन अपनाये जा सकते हैं। इनमें से बकरी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें कम लागत, कम पूंजी एवं अपेक्षाकृत कम जगह में किया जा सकता है। यह किसान को आर्थिक रुप से सुदृढ़ व सक्षम बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
  • डॉ. मनीष जाटव
  • डॉ. यामिनी वर्मा
  • डॉ. अर्चना भारती
  • डॉ. संदीप द्विवेदी
    email:archana.bharti8607@gmail.com
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